मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया मसूरी विधानसभा में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

- सीएम धामी बोले-प्रदेश सरकार बिना रुके, बिना थके अपने हर वादे को कर रही है पूरा
मसूरी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के पुरुकुल में 17 करोड़ 80 लाख रुपयों की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष स्वर्गीय दीपक पुण्डीर की स्मृति में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये सभी परियोजनाएँ मसूरी विधानसभा के विकास को नई गति देने वाली साबित होंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। आज जहां प्रदेश में करोड़ों रुपये की लागत से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है। वहीं, प्रदेश को खेल, पर्यटन और एडवेंचर एक्टिविटीज हब के रूप में भी स्थापित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने हर वादे को बिना रुके, बिना थके धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है। लेकिन कुछ लोग झूठ और नकारात्मकता की बातें कर रहे हैं। ऐसे लोगों के पास गिनाने के लिए अपनी कोई उपलब्धि नहीं है, तो इसलिए वे अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा और जनसांख्यिकी बदलाव रोकने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया है। इसी तरह सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने के साथ ही दंगों के दौरान सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से ही नुकसान की भरपाई करने के लिए सख्त कानून बनाकर कानून का राज स्थापित किया है।
इसी तरह प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय नकल माफिया का कुचक्र तोड़ने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके बाद प्रदेश में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिल चुकी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति, एक जनपद दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलें शुरू की हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आज हजारों-लाखों युवा अपने ही गाँव और शहर में रोजगारदाता बन रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। इतना ही नहीं, नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में भी उत्तराखंड ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।



