यूपी : शिव सैनिकों ने मातृशक्ति के अपमान की मर्यादित शब्दों में की कड़ी आलोचना

- मातृत्व के सम्मान में शिवसेना मैदान में
दीपांकुश चित्रांश की रिपोर्ट…खबर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से है जहाँ शिवसेना के जिला अध्यक्ष अजय त्रिपाठी, उपाध्यक्ष सचिन सिंह,जिला सचिव बृजेश वर्मा,जिला संयोजक सौरभ पांडे,कार्यकर्ता संदीप तिवारी इत्यादि शिव सैनिकों ने मातृशक्ति के किए हुए अपमान की मर्यादित शब्दों में कड़ी आलोचना करते हुए क्या कहा आईये आपको बताते हैं…
शिव सैनिकों ने कहा कि राजनीति दलगत हो सकती है किंतु देश से बड़ी नहीं,भारतीय नारी वो है जिसने संकट के समय देश की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए अपने गहने यहां तक की अपना मंगलसूत्र भी निछावर कर दिया,महारानी पद्मावती और रानी लक्ष्मी बाई जैसी वीरांगना भारत माता की बलिदेवी पर अपने राज्य की आन बान और शान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी किंतु दासता स्वीकार नहीं की, नारियों की बलिदान गाथा से इतिहास पटा पड़ा है भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना समेत एनडीए के घटक दलों द्वारा अग्रेषित महिला विधेयक को लोकसभा में पारित करने के लिए विधेयक का प्रस्ताव संसद में लाया गया,किंतु कांग्रेस और उसके घटक दलों द्वारा इसके आकारण विरोध की वजह से यह बिल पारित नहीं हो सका, भारतीय परिवार के परिवेश में नारी ही एक धुरी है जो परिवार को संजोकर सवारकर रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है,परिवारों से मिलकर समाज का निर्माण होता है और समाजों से मिलकर देश का,तो क्या हम सब का यह दायित्व नहीं कि हम इन्हें उचित सम्मान और भागीदारी दें, इस बात को कांग्रेस और उसके घटक दलों ने इसके विपरीत मत देकर पारित नहीं होने दिया,क्या माता और बहनों को लोकतंत्र के पावन मंदिर में उचित भागीदारी नहीं मिलनी चाहिए इन इन घटक दलों के मंतव्य से यही प्रतीत होता है।शिवसेना इस बात की पुरजोर निंदा करती है राष्ट्रहित से जुड़े हुए मसले पर पक्ष हो या विपक्ष दोनों को एक मत होना चाहिए जो राष्ट्र के गौरव के विषय हैँ वहां सकारात्मक राजनीति की आवश्यकता होती है, ईश्वर से यही प्रार्थना है कि ईश्वर कांग्रेस और उसके घटक दल को समृद्धि दे और राष्ट्रहित के विषय पर एक मत होने की प्रेरणा प्रदान करें।



