UK : ऋषिकेश पशुलोक बैराज से 3 शव बरामद किए SDRF ने

ADVERTISEMENTS Ad
ख़बर शेयर करें -
  • गंगा नदी में पूर्व में डूबे व्यक्तियों की तलाश में SDRF का सर्च अभियान जारी, पशुलोक बैराज से तीन शव बरामद

ऋषिकेश। गंगा नदी में पूर्व में डूबे हुए व्यक्तियों की तलाश हेतु राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) द्वारा लगातार सघन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। SDRF की टीम द्वारा घटनास्थलों से लेकर सभी संभावित स्थानों पर विशेषज्ञ डीप डाइवर्स एवं आधुनिक उपकरणों की सहायता से लगातार खोजबीन की जा रही है।

इसी क्रम में आज SDRF टीम को सर्च अभियान के दौरान पशुलोक बैराज के चैनल में तीन शव दिखाई दिए। टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए अत्यंत सावधानी एवं कुशलता के साथ बैराज की चैन मशीन की सहायता से तीनों शवों को बाहर निकाला गया। इसके उपरांत संबंधित परिजनों को शिनाख्त हेतु बुलाया गया तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए शवों को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

ALSO READ:  UK :मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की ₹ 105 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

शिनाख्त के उपरांत बरामद शवों की पहचान निम्नलिखित व्यक्तियों के रूप में की गई—

1. शैलेंद्र महावर, पुत्र ________, उम्र लगभग 30 वर्ष, निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश, जो थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्र अंतर्गत फूलचट्टी के समीप गंगा नदी में डूब गए थे।

2. शौर्य नागर, पुत्र कृष्णपाल, उम्र 20 वर्ष, निवासी बिसरख जलालपुर, जनपद गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश, जो थाना मुनिकीरेती क्षेत्र अंतर्गत तपोवन स्थित साईं घाट पर गंगा नदी में डूब गए थे।

3. मनीष आर्य, पुत्र कुंदन कुमार आर्य, निवासी जय विहार, नांगली, उत्तम नगर, दिल्ली, जो थाना कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र अंतर्गत चंद्रेश्वर घाट पर डूबे दंपति में से लापता थे।

तीनों शवों की शिनाख्त परिजनों द्वारा कर ली गई है। स्थानीय पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूर्ण करते हुए शवों को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है।

ALSO READ:  UK : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को दिलाई शपथ

SDRF की आमजन एवं पर्यटकों से अपील-
SDRF सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों से अपील करती है कि केवल चिन्हित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। किसी भी अनजान, प्रतिबंधित अथवा असुरक्षित स्थान पर नदी में प्रवेश न करें। गंगा नदी का जलस्तर एवं बहाव अचानक बढ़ सकता है, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

नदी में उतरने से पूर्व स्थानीय प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अवश्य करें। बच्चों को नदी के किनारे अकेला न छोड़ें तथा स्नान के दौरान विशेष सतर्कता बरतें। थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

SDRF उत्तराखण्ड जनमानस एवं पर्यटकों की सुरक्षा हेतु 24 घंटे तत्पर है, किंतु सुरक्षित व्यवहार एवं सावधानी ही ऐसी घटनाओं की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है।

Related Articles

हिन्दी English