शाकंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में जलप्रलय: नदी में अचानक आए उफान से दो महिलाओं की मौत, कई वाहन बहे

(खुर्शीद आलम) सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में गुरुवार देर रात प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। शाकंभरी खोल (नदी) में अचानक आए भीषण जलप्रवाह ने तबाही मचा दी। पानी के तेज बहाव में दर्जनों वाहन और दुकानें बह गईं। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। आपको बता दें, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में यह माता का धाम।उत्त्तराखण्ड की अस्थाई राजधानी देहरादून के पास पड़ता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के सन्नाटे में नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ा। देखते ही देखते पानी ने रौद्र रूप धारण कर लिया। बहाव इतना तेज था कि मंदिर परिसर के आस-पास खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली, कारें, बाइकें, क्रेन और जेनरेटर पानी के साथ बह गए। कई दुकानें भी जलमग्न हो गईं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों महिलाओं के शव बरामद किए जा सके।
एक मृतका की पहचान सावित्री (65) पत्नी चंद्रभान सैनी, निवासी गिद्धावाली, थाना खानपुर, जिला हरिद्वार (उत्तराखंड) के रूप में हुई है। दूसरी महिला की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश का अलर्ट पहले ही जारी कर दिया गया था। इसके चलते प्रशासन ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक महिला देर रात धर्मशाला से बाहर निकल गई थी, जो अचानक आए सैलाब की चपेट में आ गई। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अरविंद चौहान, एसएसपी अभिनंदन, एसपी देहात मयंक पाठक, एडीएम एफ, एसडीएम बेहट मानवेंद्र सिंह और सीओ बेहट प्रीति यादव मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
एसएसपी अभिनंदन ने कहा कि आपदा प्रबंधन टीम के साथ मिलकर हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आगामी वीकेंड पर भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि मौसम खराब होने पर जलप्रवाह वाले क्षेत्रों से दूर रहें। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करें।



