UP : नॉएडा : मेरा सफ़र निर्माणाधीन जेवर एयरपोर्ट तक (1)

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नॉएडा : (राजेश बैरागी) ग्रेटर नोएडा शहर को पीछे छोड़ते हुए विकासशील यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण क्षेत्र में एक नये उभरते हुए भविष्य के शहर की परिकल्पना उत्साह से भर देती है।देश और संभवतः दुनिया का यह एकमात्र विकास प्राधिकरण है जिसकी लंबाई सर्वाधिक है।

165 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे जितना लंबा है यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण। इसके प्रशासनिक मुख्यालय से यात्रा प्रारंभ करते हुए तीन लक्ष्य मस्तिष्क में थे। औद्योगिक और आवासीय सेक्टरों का विकास देखना, इस क्षेत्र की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने वाले जेवर एयरपोर्ट के निर्माण की गतिविधियों को देखना और बहुप्रचारित फिल्म सिटी की वर्तमान स्थिति से अवगत होना।साथी पत्रकार आशु भटनागर फिल्म सिटी की वस्तुस्थिति जानने को उत्सुक थे। प्राधिकरण के अवर अभियंता लवकेश कुमार ने हमारे अनुरोध पर हमारा पथ-प्रदर्शक बनना स्वीकार किया। यदि ग्रेटर नोएडा छोर पर बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट और छोटे मोटे ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट को छोड़ दें तो यमुना एक्सप्रेस-वे एकीकृत औद्योगिक शहर अभी एक्सप्रेस-वे के बाईं ओर ही बसाया जा रहा है। सेक्टर 17,18,20,22,24,28,29,32,33, सभी आवासीय और औद्योगिक सेक्टर इधर ही हैं।इन सेक्टरों में सड़क, सीवर, विद्युतीकरण के कार्य कराए जा चुके हैं और सेक्टर 32,33 में तो कुछ औद्योगिक इकाइयों में कामकाज भी हो रहा है।

इस क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण कस्बों दनकौर और रबुपुरा के दिन बदल गये हैं। पहले इन कस्बों तक पहुंचने के रास्ते कठिनाई भरे थे। हालांकि एक शहर बसाने की प्रक्रिया के दौरान दो चीजें सामान्य तौर पर दिखाई देती हैं। यहां सेक्टरों के विकास कार्यों के बीच में लहलहाते खेतों को देखकर ऐसा भ्रम होता है कि या तो सेक्टरों के बीच खेतों को नियोजित किया गया है या खेतों में सेक्टरों की फसल उगाई जा रही है। (शेष अगले अंक में)

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