UK : हल्द्वानी के व्यापारियों ने किया GST कार्यालय का घेराव, प्रताड़ना का लगाया आरोप

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- व्यपारियों का आरोप GST विभाग का तरीका गलत, व्यापारी परेशान
- बुधवार को गोलापात स्थित GST कार्यालय का किया सांकेतिक विरोध
- इससे पहले विधायक बंशीधर भगत और सुमित हृदयेश से भी मिले व्यापारी
- शिविर लगाने की मांग की व्यपारियों ने ताकि जिनके टैक्स जमा नहीं हुए वे कर सकें
हल्द्वानी : बुधवार को हल्द्वानी के व्यपारी लामबंद हुए प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले गोलापर स्थित GST कार्यलय का घेराव करने पहुँच गए. व्यापारियों का आरोप है एक डेढ़ महीने से उनको प्रताड़ित किया जा रहा है. अंधाधुंध चालान, छापेमारी कर व्यापारियों को परेशान प्रताड़ित किया जा रहा है. सांकेतिक घेराव में व्यपारियों में खाद्य,ट्रांसपोर्ट, इलेक्ट्रिक समेत कई वर्गों के ब्यापारी/संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे.

दीपक मलकानी, जो हल्द्वानी इलेक्ट्रिक यूनियन के सचिव हैं, उनके मुताबिक़, GST बिभाग का तरीका गलत है. हम टैक्स के लिए मना नहीं कर रहे हैं. हम क्योँ नहीं देंगे. लेकिन इस तरफ 10-15 लोग किसी दुकान, ऑफिस में जाकर बैठ जाते हैं और कहते हैं ये बिल दिखाओ वो दिखाओ…फिर लाखों का चालान कर रहे हैं. कभी खाते हैं गोदाम दिखाओ, कभी कहते हैं इसका बिल दिखाओ… ऐसे में व्यपारी डर जाता है. आप नोटिस भेजिए, जिसने नहीं दिया है उसके खिलाफ कार्यवाही करिए..लेकिन इस तरह से कारवाही करना सही नहीं नही. हम इसका विरोध करते हैं. प्रदेश भर में विरोध हो रहा है. व्यापारी परेशान है. इससे पहले कल कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत से भी व्यापारी मिलने पहुंचे. कोर कमेटी के सभी सदस्यों के द्वारा बंशीधर भगत “विधायक कालाढूंगी क्षेत्र “एवं पूर्व दर्जा मंत्री के आवास में जाकर जीएसटी विभाग द्वारा की जा रही अनावश्यक कार्यवाही के विरोध दर्ज करने के लिए एक ज्ञापन दिया गया। विधायक द्वारा उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया। व्यापारी हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश से भी मुलाकात करने पहुंचे.

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विरोध कार्यक्रम को देखते हुए हल्दवानी इलेक्ट्रिकल एसोसिएशन, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल द्वारा बुधवार को हुए जीएसटी कार्यालय के घेराव के आह्वान के समर्थन में आयी. सचिव दीपक मलकानी के मुताबिक़,हमने अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित की और इस सामूहिक प्रयास को अपना सहयोग प्रदान किया. यह केवल एक दिन का समय है, जो हमें अपने व्यापार, अपने अधिकारों और अपने व्यापार के भविष्य के लिए देना जरूरी और अत्यंत आवश्यक है।

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मलकानी के मुताबिक, GST विभाग को नोटिस देना चाहिए पहले, शिविर लगाने चाहिए ताकि जो ब्यापारी टैक्स नहीं जमा कर पाया वह कर पाए…व्यपारी टैक्स क्योँ नहीं देगा. उसको समय दे कर आप टैक्स जमा करवा सकते हैं. लेकिन उसको इस तरह से कार्यवाही करवा कर दबा नहीं सकते हैं. व्यपारियों का कहना था, विरोध /घेराव कार्यक्रम सीधे हमारे प्रतिष्ठान, हमारे व्यापार और हमारे हितों से जुड़ा है।आज हमें अपने संगठन की एकजुटता और संख्याबल दिखाना है। अतः सभी सदस्य हर संभव व्यवस्था करके आज के कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे. इसलिए आज की आपकी उपस्थिति केवल एक कार्यक्रम में भागीदारी नहीं, बल्कि अपने संगठन और अपने व्यापार के प्रति आपकी जिम्मेदारी का ठोस संकेत है। दीपक मलकानी समेत सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे.



