UK : श्री रामलीला हल्द्वानी में एक ओर करुणा, विलाप और भक्ति का समंदर दिखा तो दूसरी ओर पराक्रम, गर्जना और भस्म होती लंका का दृश्य दिखा

- “अट्टहास करि गर्जा कपि बढ़ि लाग अकास॥”
हल्द्वानी (नैनीताल), 18 अक्टूबर 2026, रविवार।
लगभग 150 वर्ष पुरानी नगर की ऐतिहासिक *प्राचीन श्री रामलीला हल्द्वानी* द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव आज अपने चरम पर रहा। आज की लीला में एक ओर करुणा, विलाप और भक्ति का समंदर दिखा तो दूसरी ओर पराक्रम, गर्जना और भस्म होती लंका का दृश्य।
दिन की लीला में लक्ष्मण शक्ति, हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाना और कुंभकरण वध का मंचन व्यास जी द्वारा कराया गया।।।आज दिन की रामलीला में मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण जी मूर्छित हो जाते हैं। मूर्छित अनुज को देखकर मर्यादा पुरुषोत्तम राम का विलाप दर्शकों की आँखें नम कर देता है। रामलीला मंच पर जामवंत जी के कहने पर हनुमान जी का हिमालय से संजीवनी पर्वत लाना सबसे बड़ा आकर्षण रहा,रामलीला मैदान जय श्री राम के जयकारे से गूंज उठा। इसके बाद 6 माह सोने और 6 माह जागने वाले कुंभकरण का वध भगवान राम के बाणों से होता है। कुम्भकरण का बड़ा सा पुतला भी जलाया गया।
वहीं वृदावन से आई श्री बृजेश्वरी लीला मंडल द्वारा
रात्रि लीला हनुमान जी के नाम रही। समुद्र लांघकर सीता माता को प्रभु की निशानी मुद्रिका देना और रावण की सोने की लंका को जलाना आकर्षण का विषय रहा।अंत में रावण के अत्याचारों से दुखी विभीषण प्रभु श्रीराम की शरण में आ जाते हैं और भगवान श्री राम द्वारा विभीषण को शरणागति पर अभय दान दिया जाता है। संचालन समिति के मीडिया प्रभारी भवानी शंकर नीरज ने बताया कि आज रविवार होने के कारण दर्शकों की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व बैठने की विशेष व्यवस्था की गई । समिति के सदस्यों ने समस्त नगरवासियों से दोनों समय की लीला में सपरिवार पधार कर प्रभु श्री राम की लीला का आनंद लेने की अपील की है। व्यास पूजन डॉक्टर, नीलाम्बर भट्ट , डॉ ऊषा भट्ट, राजेश जोशी, कमल किशोर जोशी प्रदीप जनौटी ने किया।
आज संचालन समिति से विवेक कश्यप, पंकज कपूर, विनीत अग्रवाल, भोलानाथ केसरवानी अतुल अग्रवाल और विजय भट्टआदि ने अतिथियों का स्वागत किया। कई संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने रामलीला में सेवा दी जिसमें भारत विकास परिषद हल्द्वानी शाखा, श्याम मित्र मंडल तथा वैणी सेना आदि रहीं। व्यास पूजन तरुण बंसल,रेशु बंसल अमरनाथ जोशी, विवेक सक्सेना, अवनीश राजपाल ने किया।





