UK : गुजराती को बना दिया क्रिकेट कोच सरकारी तनख्वाह के साथ, विज्ञप्ति में लिखा था मूल/स्थायी निवासी होना जरुरी..राम कंडवाल ने उठाये सवाल

खेल में खेल हो गया ! राज्य के लोग क्या कोचिंग के लायक नहीं थे ?जबकि एक से एक खिलाड़ी हैं राज्य में

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देहरादून : खेल में खेल हो गया….या कहें कर दिया गया।  एक गुजराती ब्यक्ति को उत्तराखंड में क्रिकेट कोच बना दिया गया.राज्य सरकार द्वारा तनख्वाह भी दी जा रही है. सुख और सुविधा के साथ।। बेरोजगार संघ के राम कंडवाल ने इस मामले को जोर शोर से उठाया है. उन्होंने  इस नियुक्ति पर  आपत्ति जताई है…कंडवाल के मुताबिक, उत्तराखंड के ब्यक्ति को रोजगार न देकर बाहरी ब्यक्ति को कोच बना दिया. क्या उत्तराखंड में कोच के लायक कोई नहीं मिला ? फिर विज्ञप्ति में क्योँ लिखा ? स्थायी प्रमाण/मूलनिवास पत्र होना चाहिए. फिर स्थायी प्रमाण पत्र कैसे बना दिया तहसीलदार ने ? कैसे जारी किया ? उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो…

कंडवाल के मुताबिक, इस ब्यक्ति ने  गुजरात से कक्षा  १०, १२ और NIOS किया है। यहां पर कोचिंग कर रहा है.. बड़ोदा क्रिकेट एसोसिएशन के दस्तावेज हैं इसके. बाद में इसने उत्तराखंड की युवती से शादी कर ली. लेकिन नियम कहता है स्थायी प्रमाण पत्र के लिए 15 साल है. यानी वह ब्यक्ति इतने सालों से उत्तराखंड में निवास करता आया हो. जब शिकायत की गयी, जांच बैठी  तो पटवारी ने बताया की यह ब्यक्ति २०१८ से यहाँ रह रहा था….फिर भी 15 साल नहीं हुए….ऐसे में सवाल उठना लाजमी है. फर्जी प्रमाण पत्र कैसे जारी हो गया ? तहसीलदार ने कैसे जारी कर दिया ? यह बड़ा सवाल है.  फिर दूसरी बात कंडवाल ने उठाई है, कैसे बाहरी ब्यक्ति यहाँ कर हिम्मत कर जाता है ऐसे काम करने के लिए….फिर रोजगार भी पा जाता है. फिलहाल डीएम के पास मामला है. देखते हैं क्या एक्शन होता है ? कंडवाल बोले हम छोड़ेंगे नहीं मामले को. इस पर नजर बनाए रखेंगे. 

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आपको बता दें, कंडवाल ने कई मामले उठाये हैं ख़ास तौर पर बाहरी ब्यक्ति जो आये हैं उन्हूने नौकरी पायी है यहाँ पर….सरकार ने उनके खिलाफ १० मुकदमे भी दायर कर दिए हैं. लेकिन कंडवाल का कहना है, हम डरने वाले नहीं हैं. अपने प्रदेश अपने लोगों के लिए जो करना होगा करेंगे. मामले में सरकार/विभाग की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है अभी तक। अब सरकार/ विभाग  द्वारा क्या एक्शन लिया जाता है ? या कोच को बचाने की कोशिश होती है। यह देखने वाली बात हॉगी।

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