ऋषिकेश ब्राह्मण महासभा का समर्थन देशव्यापी जातिगत आरक्षण तथा यूजीसी नियमावली में संशोधन के लिए हो रहे प्रदर्शन के पक्ष में
UK: ऋषिकेश में श्रावणी पर्व के साथ-साथ सामाजिक व्यवस्था पर चिंतन

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- ऋषिकेश में श्रावणी पर्व के साथ-साथ सामाजिक व्यवस्था पर चिंतन
ऋषिकेश ब्राह्मण महासभा के द्वारा गुरूवार को दिनांक 27अगस्त2026 को आगामी 28 अगस्त2026 को आने वाले श्रावणी उपाक्रम एवं रक्षाबंधन पर्व की चर्चा की गई. साथ-साथ देशव्यापी जातिगत आरक्षण तथा यूजीसी नियमावली में संशोधन हेतु राष्ट्रीय राजधानी जंतर-मंतर में हो रहे प्रदर्शन के पक्ष में पूर्ण समर्थन की घोषणा की गई. महासभा के अध्यक्ष जगमोहन मिश्रा तथा महामंत्री शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि एक देश एक कानून के द्वारा ही राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है. केवल जाति के आधार पर ही किसी जाति विशेष को शोषित और किसी जाति विशेष को शोषक मान लेना पूर्णतया अनुचित है. जो कि भविष्य में संपूर्ण समाज के सहित राष्ट्र के हित में नहीं है,इसलिए संवैधानिक पदों पर बैठे देश के कर्णधारों को समाज का विघटन करने वाले कानूनों को निरस्त कर राष्ट्रहित में नूतन नियमों को क्रियान्वित कर समाज को एक करने का प्रयत्न करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण के नाम पर हमेशा से सवर्णो को हर क्षेत्र में परेशान किया जाता है,योग्यता को दरकिनार करके आरक्षण से देश को कमजोर किया जा रहा हैं,उन्होंने कहा कि पूरे देश में चल रहे सवर्णों के आंदोलन को वैदिक ब्राह्मण महासभा ऋषिकेश पूर्ण समर्थन करती है, और उक्त आंदोलन में वैदिक ब्राह्मण महासभा भी प्रतिभाग करेगी.बैठक में केशव स्वरूप ब्रह्मचारी,जगमोहन मिश्रा, शिव प्रसाद सेमवाल, डॉक्टर जनार्दन कैरवान,सुरेश पंत,केशव बहुगुणा,मुकेश थपलियाल,अमित कोठारी,शंभू प्रसाद, लक्ष्मी थपलियाल,शिव उनियाल,दिनेश तिवारी आयुष गौड़ आदि उपस्थित रहे।



