UP :10 लाख की लूट की सूचना से मचा हड़कंप, जांच में झूठी निकली वारदात

- कर्ज से बचने और बीमित रकम का क्लेम लेने के लिए जनसेवा केंद्र संचालक ने रची लूट की कहानी, कार की डिग्गी से बरामद हुए 10.10 लाख रुपये

बेहट/ सहारनपुर : (खुर्शीद आलम) गंदेवड़-रायपुर मार्ग पर कार पर पथराव कर हथियारों के बल पर 10 लाख 10 हजार रुपये की लूट की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कोतवाली बेहट पुलिस, सीओ बेहट और एसपी देहात पुलिस बल व एसओजी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की तो लूट की पूरी कहानी झूठी निकली। पुलिस के मुताबिक, जनसेवा केंद्र संचालक ने कर्ज से बचने और बीमित रकम का क्लेम हासिल करने के उद्देश्य से लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने उसकी कार की डिग्गी से पूरी रकम बरामद कर ली है। अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, थाना मिर्जापुर क्षेत्र के गांव मलकपुर निवासी दीपक कुमार पुत्र सुभाष चंद्र ने शनिवार दोपहर पुलिस को सूचना दी कि वह भारतीय स्टेट बैंक की बेहट शाखा से 10 लाख 10 हजार रुपये निकलवाकर रायपुर स्थित अपने जनसेवा केंद्र पर लौट रहा था। आरोप लगाया कि गंदेवड़-रायपुर मार्ग पर शराब के ठेके से आगे सड़क किनारे खड़े दो लोगों ने उसकी कार पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इससे उसने कार रोक दी। इसी दौरान पीछे से बाइक पर आए दो अन्य बदमाशों ने हथियारों के बल पर उससे 10 लाख 10 हजार रुपये लूट लिए।
दिनदहाड़े लूट की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। कोतवाली बेहट प्रभारी निरीक्षक इंद्रेश कुमार चौहान, सीओ बेहट शशि प्रकाश शर्मा और एसपी देहात मयंक पाठक एसओजी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही कथित पीड़ित से पूछताछ की और मामले की छानबीन शुरू कर दी।
पूछताछ में खुल गई झूठी कहानी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दीपक कुमार के बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने लूट की झूठी सूचना देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उसकी कार की डिग्गी की तलाशी ली, जहां से 10 लाख 10 हजार रुपये बरामद हो गए। इस तरह पुलिस ने कथित लूट की घटना का खुलासा कर दिया।
कर्ज से बचने और बीमा क्लेम के लिए रची साजिश
एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि दीपक कुमार पर काफी कर्ज था। बैंक से निकाली गई रकम भी बीमित थी। पुलिस के मुताबिक, उसने कर्ज से बचने और बीमा कंपनी से क्लेम हासिल करने के उद्देश्य से लूट की झूठी कहानी बनाई थी। एसपी देहात ने बताया कि पुलिस को गुमराह कर लूट की झूठी सूचना देने के मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






