नागालैंड में विरासत को वैश्विक पहचान मिली,नागामी को दुनिया की पहली पंजीकृत मिथुन नस्ल के रूप में मान्यता

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  • नागालैंड के लिए ऐतिहासिक गर्व का क्षण है यह –

नागालैंड में मिथुन केवल एक पशु नहीं, बल्कि परंपरा, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। अब इसी विरासत को वैश्विक पहचान मिली है। नगामी को ICAR–National Bureau of Animal Genetic Resources (एनबीएजीआर) के साथ दुनिया की पहली पंजीकृत मिथुन नस्ल के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।यह ऐतिहासिक उपलब्धि ICAR–National Research Centre on Mithun, मेद्ज़ीफेमा के वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के वर्षों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।काले रंग का मजबूत शरीर, पैरों पर सफेद ‘स्टॉकिंग्स’, और पहाड़ी व वन क्षेत्रों में बेहतरीन अनुकूलन क्षमता—नगामी मिथुन नागालैंड की प्रकृति एवं वहां के लोग, दोनों की झलक है। इसे पारंपरिक मुक्त चराई और सामुदायिक वन प्रबंधन प्रणाली के तहत पाला जाता है।🌿 यह केवल एक नस्ल का पंजीकरण नहीं, बल्कि नागालैंड की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय ज्ञान और प्रकृति के साथ संतुलन में जीवन जीने की परंपरा को मिला एक वैश्विक सम्मान है।CRDT : ICAR

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