यूपी : लावारिस शव की नहीं हुई पहचान,तो सामाजिक संस्था अंकुरण ने कराया अंतिम संस्कार

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- अंकुरण परिवार द्वारा 60 वें लावारिस शव का किया गया दाह संस्कार
दीपांकुश चित्रांश की रिपोर्ट…खबर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से है जहाँ शिवगढ़ थाना क्षेत्र के सकवा नहर में एक अज्ञात महिला (उम्र करीब 28 -30 वर्ष) का शव मिलने के बाद जब कोई वारिस सामने नहीं आया तब सामाजिक संस्था अंकुरण फाउंडेशन ने इंसानियत की मिसाल पेश की,कानूनन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कोई परिजन शव लेने नहीं पहुंचा,तो प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए अंकुरण फाउंडेशन परिवार से संपर्क किया।
आपको बता दें अंकुरण मित्रों के सहयोग से अज्ञात शव को श्मशान घाट लाया गया,जहाँ संस्था के अध्यक्ष डॉ आशुतोष श्रीवास्तव एवं मोहम्मद आरिफ खान ने महिला कांस्टेबल पूनम सिंह एवं कांस्टेबल कमला यादव की उपस्थिति में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मुखाग्नि देखकर उसका दाह संस्कार करवाया, अंकुरण मित्र मो आरिफ खान ने बताया कि हर इंसान का अंतिम विदाई सम्मानजनक होनी चाहिए। संस्था इसके लिए प्रयासरत है,अभी तक करीब 60 लावारिस शवों का दाह संस्कार संस्था द्वारा कराया जा चुका है,स्थानीय लोगों ने अंकुरण की इस संवेदनशीलता की जमकर तारीफ की है। संस्था से जुड़े चंद्रदेव शुक्ला एवं मुकेश कुमार का कहना है कि संस्था का यह रूप समाज में विश्वास पैदा करता है कि लावारिस होने के बावजूद किसी को ‘बेसहारा’ नहीं छोड़ा जाएगा। संस्था के युवा सचिव एडवोकेट प्रज्ज्वल श्रीवास्तव ने बताया कि भले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया है, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में जानकारी सुरक्षित रखी गई है ताकि भविष्य में कभी पहचान होने पर परिजनों को सूचित किया जा सके। शुरुआती जांच में जांच में मृतका के पास ऐसा कोई दस्तावेज या सामान नहीं मिला,जिससे उसकी पहचान हो सके।



