UK: तपोवन में घुग्तानी सड़क पर बड़े वाहन एंट्री करने से परेशानी,समर्पण आश्रम के महाराज ने DM को भेजा पत्र

तपोवन में समर्पण आश्रम के सामने से बड़े वाहन मोड़ने लगते हैं,स्थानीय, आश्रम वासी परेशान

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  • पहाड़ पर स्थित है यह रास्ता, ऐसे में कोई दुर्घटना हो गयी तो कौन जिम्मेदार होगा ? 
  • जहाँ स्कूटी, कार मुश्किल से जा पा रही हैं वहां पर बड़े वाहनों की एंट्री होना बड़ा सवाल है 
  • परेशान हो कर समर्पण आश्रम के महाराज ने लिखा पत्र डीएम टिहरी को, कार्यवाही की मांग की 
ऋषिकेश : तपोवन स्थित समर्पण आश्रम के महराज अवधूत स्वामी समर्पणानंद सरस्वती, संस्थापक, स्वामी समर्पण आश्रम वार्ड संख्या 4, नगर पंचायत तपोवन टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड ने डीएम टिहरी को एक पत्र भेजा है. जिसमें उन्होंने मांग की है. आश्रम के आगे से जो सड़क मार्ग है वह बहुत संकरा है…जिसमें बड़े वाहन नहीं जा पाते हैं. छोटे वाहनों के लिए एंट्री है. लेकिन आजकल टूरिस्ट सीजन होने की वजह से होटल, रिसोर्ट वाले छोटी छोटी बसों को यहाँ एंट्री करवा रहे हैं. या कर रहे हैं. ऐसे में आश्रम के गेट के आगे से उन बड़े वाहनों को मोड़ना पड़ रहा है. क्यूंकि उससे आगे संकरा मार्ग है. ऐसे में कई बार आश्रम का गेट भी खुलवाने की मांग करते हैं ताकि उनके वाहन वहां से मुड़ सकें. ऐसे में महाराज ने पत्र भेज कर डीएम से गुहार लगाईं है.
जो पत्र भेजा गया है वह इस प्रकार है —
सेवा में, जिलाधिकारी महोदय टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड
विषय: स्वामी समर्पण आश्रम, तपोवन के सामने सड़क पर यातायात नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु निवेदन
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हम वार्ड संख्या 4, नगर पंचायत तपोवन के निवासी हैं तथा हमारा स्वामी समर्पण आश्रम एक संकरी सड़क पर स्थित है, जो केवल हल्के वाहनों (Light Vehicles) के लिए निर्धारित है। विगत कई वर्षों से हमें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस संकरी सड़क पर मिनी बसें, पर्यटक वाहन एवं ट्रक प्रवेश कर जाते हैं, जिससे वे आगे नहीं जा पाते और हमारे आश्रम के मुख्य द्वार के सामने ही यू-टर्न लेने का प्रयास करते हैं। इस कारण यातायात अवरुद्ध होता है तथा हमारे स्टाफ के साथ विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। कई बार वाहन चालक हमारे मुख्य द्वार को जबरन खोलने का प्रयास करते हैं। सुरक्षा हेतु लगाए गए ताले भी कई बार तोड़े जा चुके हैं।
इस संबंध में हमने स्थानीय पुलिस एवं नगर पंचायत को कई बार सूचित किया, परंतु समाधान के बजाय हमें ही गेट खोलने के लिए कहा जाता है, जो कि हमारी आंतरिक सुरक्षा के कारण संभव नहीं है। रात्रि के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। कई लोग शराब के प्रभाव में तेज आवाज में संगीत बजाते हुए आते हैं, जिससे आश्रम का शांत वातावरण पूर्णतः बाधित होता है। हमारे यहां देश-विदेश से साधक योग एवं सनातन धर्म का अध्ययन करने आते हैं। मैं स्वयं प्रतिवर्ष जनवरी से जून/जुलाई तक पंचाग्नि साधना के अंतर्गत मौन साधना (Mauna Sadhana) करता हूँ। ऐसे में यह शोर-शराबा एवं अव्यवस्था हमारी साधना एवं आश्रम की गरिमा के लिए अत्यंत हानिकारक है। अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस विषय में व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लेते हुए निम्नलिखित कार्यवाही करने की कृपा करें: इस मार्ग पर भारी वाहनों, मिनी बसों एवं ट्रकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। आश्रम से पूर्व पुलिस या प्रशासन की निगरानी में बैरिकेड/चेकपोस्ट स्थापित किया जाए। रात्रि 8:00 बजे के बाद केवल स्थानीय हल्के वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाए। “सीक्रेट वाटरफॉल” क्षेत्र में अवैध शराब सेवन एवं नशे की गतिविधियों पर सख्त निगरानी एवं कार्यवाही की जाए। क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए। आपसे निवेदन है कि इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान कर हमें राहत प्रदान करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
भवदीय, (अवधूत स्वामी समर्पणानंद सरस्वती) संस्थापक, स्वामी समर्पण आश्रम वार्ड संख्या 4, नगर पंचायत तपोवन टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड

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