UK : ब्रह्मपुरी आश्रम में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भक्तों ने गुरुदेव के चरणों की पूजा कर लिया आशीर्वाद

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  • नमामि नर्मदा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सीताराम परिवार के राष्ट्रीय महामंत्री पंडित हरीश उनियाल ने लिया आशीर्वाद 
  • नमामि नर्मदा संघ की प्रदेश अध्यक्ष एवं सीताराम परिवार की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला सेमवाल ने भी लिया आशीर्वाद 
  • तुलसी मानस मंदिर के महन्त रवि शास्त्री  भी उपस्थित रहे मौजूद 
ऋषिकेश :  गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज ब्रह्मपुरी श्रीराम तपस्थाल सनकादिक भागवत पीठ, आनंद घाट, ऋषिकेश में पूज्य श्री द्वाराचार्य श्रीमद् जगद्गुरु योगानंदाचार्य स्वामी दयाराम देवाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर गुरुदेव के पवन श्रीचरणों पादुकाओं का विधि-विधान से पूजन एवं अभिषेक किया गया। देश-विदेश से पधारे हजारों भक्तों एवं शिष्यों ने गुरु पूजन कर गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से आए अनेक श्रद्धालुओं ने गुरु दीक्षा ग्रहण कर अपने जीवन को आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर करने का संकल्प लिया।
भजन-कीर्तन, संकीर्तन एवं प्रभु-भक्ति के मधुर वातावरण में सम्पूर्ण आश्रम भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर दिव्य एवं भव्य भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।अपने आशीर्वचन में पूज्य गुरुदेव ने कहा कि “गुरु केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि ईश्वर की दिव्य चेतना का स्वरूप हैं। गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार का नाश कर आत्मा को ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करते हैं तथा मनुष्य को परमात्मा से जोड़ने का दिव्य मार्ग प्रशस्त करते हैं।”
इस पावन अवसर पर महामंडलेश्वर अजय राम दास  महाराज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।  तुलसी मानस मंदिर के महन्त रवि शास्त्री  भी उपस्थित रहे.कार्यक्रम में मुख्य रूप से महंत ने नमामि नर्मदा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सीताराम परिवार के राष्ट्रीय महामंत्री पंडित हरीश उनियाल तथा नमामि नर्मदा संघ की प्रदेश अध्यक्ष एवं सीताराम परिवार की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला सेमवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों ने अपने पूज्य गुरुदेव के श्रीचरणों में कोटि-कोटि प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा देश-विदेश से आए सभी श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर नमामि नर्मदा संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय सीता राम परिवार के राष्ट्रीय महामंत्री पंडित हरीश उनियाल ने कहा कि सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान स्वयं भगवान से भी सर्वोच्च माना गया है, क्योंकि गुरु ही मनुष्य को धर्म, ज्ञान और मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं।”
अखिल भारतीय सीता राम परिवार की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला सेमवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “जिसके हृदय में गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा, पूर्ण विश्वास और समर्पण का भाव होता है, उसे परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग सहज हो जाता है। जहाँ गुरु की कृपा होती है, वहाँ स्वयं ईश्वर का वास होता हैं गुरुकृपा सदैव बनी रहे, हमारे मन में विनम्रता, सेवा, भक्ति और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा बनी रहे तथा हम जीवनभर गुरु की आज्ञा और उनके बताए मार्ग पर चलने का सौभाग्य प्राप्त करें।गुरु बिना ज्ञान नहीं,ज्ञान बिनाआत्मबोध नहीं,आत्मबोध बिना ईश्वर की प्राप्ति नहीं।गुरु ही जीवन हैं, गुरु ही साधना हैं, गुरु ही परम सत्य की ओर ले जाने वाले दिव्य सेतु हैं।गुरु पूर्णिमा का यह दिव्य महोत्सव श्रद्धा, भक्ति, गुरु-निष्ठा एवं सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का अनुपम संगम बनकर सभी श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।
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