UK : बापूग्राम में वन चौकी बनाने का स्थानीय लोगों ने किया विरोध

ऋषिकेश : बापू ग्राम भूमि प्रकरण में बुधवार को एक और घटनाक्रम हुआ। बापूग्राम-20 बीघा-मीरा नगर सीमा पर IDPL की भूमि पर वन विभाग की तरफ से एक चौकी का निर्माण किया जा रहा है। जिसका तीव्र विरोध स्थानीय लोगों ने किया।उसके बाद मजदूर अपने औजारों के साथ सड़क किनारे छांव में बैठ गयी।
यह चौकी लोधी भवन के सामने IDPL की खाली पड़ी जमीन पर बनाई जा रही है। इस जगह से माना जा रहा है वह विभाग बापू ग्राम, 20 बीघा और मीरा नगर इलाके में गतिविधियों पर नजर रख सकेगा। उक्रांद सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मोहन प्रसाद भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया। “हम इसका विरोध करते हैं। पहले तो यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में है। ऐसे में चौकी का निर्माण किस वजह से और क्या उद्देश्य को।लेकर किया जा रहा है।दूसरा चौकी कैसे बन रही है जब निर्माण बंद करवा रहे हैं वन विभाग वाले। तो स्टे उनके लिए नहीं है क्या ? तीसरा आबादी के नजदीक क्योँ बन रही है ? चौकी का मतलब कोई लकड़ी न ले जाये, जंगली जानवर न आये या उन पर नजर रखना होता है तो यहां कौनसी लकड़ी चोरी हो रही है ? कहाँ जानवर है ? “
उल्लेखनीय है, बुधवार को एक ट्रैक्टर ट्राली, सीमेंट और कुछ लेबर कस्सी, बेल्चे तसले के साथ पहुंच गयी थी। वहीं पर काफी गहरा गड्ढा भी खुदा हुआ है।
बताया जा रहा है JCB से मंगलवार को खोद दिया था। आज सुबह जैसे ही लोगों को पता लगा लोग विरोध में उतर आये। आपको बता दें, अभी 20 बीघा, मीरा नगर, शिवाजी नगर, गीता नगर, मनसा देवी व अन्य इलाकों में निर्माण पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इन इलाके की भूमि को वन भूमि बताया जा रहा है। जबकि यहां 60-70 साल से लोग निवासरत हैं। अब मामला कोर्ट में है। लोग कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। तब तक यहां खरीद फरोख्त, निर्माण सब बंद है।हालात ऐसे हो गए किरायेदार भी नहीं आ रहे हैं। जो हैं वे भी खाली कर रहे हैं। क्योँकि सड़कों की हालत पिछले कई वर्षों से बदतर बनी हुई है। फिलहाल स्थित ये है खरीदने वाला भी नहीं आ रहे हैं और बेचने वाले किसे बेचे प्रॉपर्टी ? लोग असमंजस में हैं। लोगों का कहना है हजारों लोग बस गए । तब से वन विभाग को नहीं दिख रहा था क्या ? तब रोक देते….खैर फिलहाल वन चौकी निर्माण होने की खबर मिलने के बाद एक बार फिर यह क्षेत्र चर्चा में आ गया है।लोगों की धड़कनें तेज होनी शुरू हो गयी हैं।मामले में वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ बोलने से साफ इंकार कर दिया।



