UK : कुंजापुरी पर्यटन मेला नरेंद्र नगर में निरंकारी सत्संग कार्यक्रम संपन्न

ऋषिकेश : उत्त्तराखण्ड पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित कुंजापुरी मेला नरेंद्र नगर में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के आशीर्वाद से विशाल सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली से पहुंचे संत निरंकारी मिशन के ज्ञान प्रचारक महात्मा इंद्रजीत शर्मा ने श्रद्धालुओं को आध्यात्म, सत्संग की महत्ता और परमात्मा की पहचान का संदेश दिया।
महात्मा इंद्रजीत शर्मा ने अपने प्रवचनों में कहा कि मनुष्य जीवनभर माया, मोह और तृष्णा के पीछे भागता रहता है, लेकिन उसकी इच्छाएं कभी समाप्त नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि केवल शरीर की आयु समाप्त होने से मनुष्य की इच्छाएं और वासनाएं समाप्त नहीं होतीं। वास्तविक शांति तभी मिलती है, जब मनुष्य परमात्मा की पहचान कर उससे अपना नाता जोड़ता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य बड़े-बड़े भवनों, हवेलियों और संपत्तियों के निर्माण में अपना जीवन लगा देता है, लेकिन इन भौतिक उपलब्धियों से स्थायी सुख प्राप्त नहीं होता। जीवन में सच्चा सुख और संतोष प्राप्त करने के लिए परमात्मा का ज्ञान आवश्यक है।
महात्मा ने कहा कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस सहित अनेक महापुरुषों ने आध्यात्मिक ज्ञान और गुरु की महत्ता पर बल दिया है। गुरुl मनुष्य के अज्ञान का पर्दा हटाकर उसे परमात्मा की पहचान करवाता है। कहा कि सत्संग से मनुष्य में विवेक जागृत होता है और उसे जीवन के सही उद्देश्य का बोध होता है। परमात्मा एक है और संपूर्ण सृष्टि उसी की रचना है। इसलिए मनुष्य को जाति, धर्म और बाहरी भेदभाव से ऊपर उठकर सभी के प्रति प्रेम, सम्मान और सद्भाव की भावना रखनी चाहिए।
उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अच्छे संस्कार अपनाने, अपने माता-पिता का सम्मान करने और आदर्श जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। भगवान बुद्ध के जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि निरंतर सत्संग करने से मनुष्य के मन में उठने वाले अनेक प्रश्नों का समाधान मिल सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने सत्संग का लाभ उठाया। महात्मा ने सभी को परमात्मा से जुड़कर प्रेम, विनम्रता, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।




