UK : पर्यटकों के लिए 14 नवंबर तक अस्थाई तौर पर सभी गेट बंद हुए राजाजी नेशनल पार्क के

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रायवाला/ऋषिकेश  :  राजाजी टाइगर रिजर्व के सभी पर्यटक प्रवेश द्वार को वर्षा ऋतु के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा तथा वन्यजीव आवासों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक वर्ष की भाँति अस्थायी रूप से 14 नवम्बर 2026 तक बंद कर दिया गया है।  वर्षा काल के पश्चात पर्यटकों के लिए सभी गेटों को खोल दिया जाएगा।
राजाजी टाइगर रिजर्व उत्तराखण्ड के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में से एक है। जहाँ चार प्रमुख जोनों में जिप्सी सफारी संचालित की जाती है। इनमें चीला, मोतीचूर, चिल्लावाली व रानीपुर प्रवेश द्वार शामिल हैं। इन जोनों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक बाघ, हाथी, तेंदुआ, हिरण तथा अन्य वन्यजीवों व उनके प्राकृतिक आवासों का दीदार करने आते हैं।राजाजी के चीला के रेन्ज अधिकारी दीपक रावत के अनुसार 15 नवम्बर 2025 से 15 जून 2026 तक चीला रेंज में जिप्सी सफारी के साथ-साथ सैलानियों ने हाथी सफारी का भी आनन्द लिया। इस दौरान राजाजी में 20245 पर्यटकों ने जिप्सी सफारी का आनंद लिया, जिनमें  19139 भारतीय पर्यटक तथा 1106 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। साथ ही चीला पर्यटक जोन में 334 पर्यटकों ने हाथी की भी सफारी करी जिसमें दस 10 विदेशी सैलानी भी सम्मिलित रहें। इस सीजन में चीला गेट से राजाजी को   5287000 रूपए        की आमदनी हुई है। इस अवधि में चीला पर्यटक जोन में लगभग 5559 जिप्सियों ने प्रवेश दर्ज किया है। जिससे पर्यटन गतिविधियों में इजाफा को दर्शाता है।
चीला के रेंजर दीपक रावत ने बताया कि वर्षा ऋतु की समाप्ति तथा सभी सफारी ट्रैकों की आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप निरीक्षण पूर्ण होने के पश्चात् राजाजी टाइगर रिजर्व के सभी सफारी गेटों को दिनांक 15 नवम्बर 2026 से पुनः पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे। वहीं राजाजी के मोतीचूर गेट से भी इस सीजन में 1289663 रूपए की हुई है। मोतीचूर के रेंजर महेश प्रसाद सेमवाल के अनुसार मोतीचूर पर्यटक गेट से 5265 भारतीय व 85 विदेशी सैलानियों ने वन्यजंतुओं व प्रकृति का दीदार किया।
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