UK : जिला गंगा संरक्षण समिति देहरादून 93वीं बैठक हुई, ऋषिकेश के मुद्दे छाये रहे, जानें

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ऋषिकेश : नमामि गंगे योजना के क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी देहरादून की अध्यक्षता में गठित जिला गंगा संरक्षण समिति देहरादून 93वीं बैठक अपर कलेक्टर कार्यालय में एडीएम वित्त एवं राजस्व कृष्ण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में ऋषिकेश क्षेत्र की समस्याओं से जुड़े मुद्दे छाये रहे।

समिति के नामित सदस्य पर्यावरणविद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने बताया कि हर साल सौंग नदी की बाढ़ से विकास खण्ड डोईवाला के जोगीवाला ,खदरी खड़क माफ में किसानों की भूमि में कटाव जारी है। बाढ़ नियंत्रण के नाम पर सिर्फ रिवर ड्रेसिंग का कार्य कर इतिश्री कर ली जा रही है।विभागीय अधिकारी अपनी मनमानी से रिवर ड्रेसिंग करते हैं जबकि सुरक्षा कार्यों में स्थानीय अनुभवी व्यक्तियों महत्वपूर्ण की राय भी ली जानी चाहिए।इस तरह अनदेखी कर किए जा रहे रिवर चैनेलाइजेशन के कार्यों से कोई बचाव कार्य नहीं हो रहा है। उल्टा नदी पर बनाए गए अस्थाई तटबंध टूटने से बाढ़ का पानी और अधिक वेग से जलभराव और भूमि कटाव का कारण बन रहा है।दूसरी ओर रायवाला गोहरी माफी में सुसवा नदी,खदरी में बँगाला नाला, ऋषिकेश चन्द्र भागा नदी करोड़ों लोगों की आस्था की प्रतीक गंगाजी में मैला ढोने का साधन मात्र बन कर रह गई हैं।
इन नदी नालों के माध्यम से सैकड़ों टन कूड़ा और पॉलीथिन कचरा गंगाजी की पवित्रता को प्रभावित कर रहा है।लिहाजा गंगाजी में मिलने वाले इन सहायक नदी नालों पर ठोस कार्य करने की आवश्यकता है।एडीएम वित्त एवं राजस्व के के मिश्रा ने मामले की गंभीरता पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों का एक निरीक्षण दल गठित करने के साथ ही मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि गंगाजी ऐसे कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है जिससे गंगाजी की स्वच्छता या निर्मलता प्रभावित होती है।उन्होंने संबंधित अधिकारयों को निष्ठा पूर्वक कार्य करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक प्रयोग को रोकने के लिए ठोस कार्यवाही अमल में लाई जाए। इसके अतिरिक्त एसटीपी संचालन,सीवेज शोधन, निर्माणाधीन,प्रस्तावित सिवरेज कार्यों की समीक्षा,भवन के ध्वस्तीकरण से उत्पन्न सामग्री के निस्तारण की स्थिति और समीक्षा सहित ऋषिपर्णा नदी के जीर्णोद्धार से संबंधित कार्य प्रगति की समीक्षा पर चर्चा की गई।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि नमामि गंगे योजना क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं के निरीक्षणदल में समिति के नामित सदस्यों को भी आमंत्रित सदस्यों के रूप में सम्मिलित किया जाए। बैठक पेयजल निगम ऋषिकेश अनुरक्षण एवं निर्माण इकाई गंगा के परियोजना प्रबंधक संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि बीते वर्ष जिला गंगा संरक्षण समिति के नामित सदस्यों ने एसटीपी से जलोत्तसारण (ट्रीटेड वाटर) के पुनः प्रयोग के लिए एक फिलिंग स्टेशन लक्कड़ घाट स्थित 26 एमएलडी एसटीपी में स्थापित किया गया है।यहां सरकारी विभाग सहित आमजन भी निःशुल्क रूप से (पानी पीने योग्य नहीं) ले जा सकते हैं। जिसका प्रयोग पौधों की सिंचाई ,अग्नि शमन और धूल मिट्टी पर छिड़काव के लिए किया जा सकता है।बैठक में सहायक नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश चन्द्र कांत भट्ट,मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आनंद शुक्ला, समिति के जिला परियोजना अधिकारी रवि कांत पाण्डेय,उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक अधिकारी एसएस चौहान,ई ओ नगर पालिका मसूरी रजनीश डोबरियाल,जल संस्थान के देहरादून के एसई अनिल वैद्य,सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता दीक्षान्त गुप्ता, जिला पंचायत देहरादून की अपर मुख्य अधिकारी सतीश त्रिपाठी , मुख्य सफाई निरीक्षक डोईवाला सचिन रावत,समिति की नामित सदस्य प्रतिमा शरण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



