उत्तराखंड में RSS का बदलेगा ढांचा, हरियाणा में हुई बैठक में हुआ फैसला

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  • वर्तमान में जो पदाधिकारी हैं उनमें भी जल्द फेरबदल हो सकता है
  • संगठन में नए लोगों को दायित्व दिए जायेंगे, जिले भी बढ़ेंगे 

देहरादून :  देवभूमि  उत्तराखंड   में राष्टीय  स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का सांगठनिक ढांचा बदेलगा. या यूं कहें,  पहली   बार राज्य में उत्तर प्रदेश से हटकर गढ़वाल और कुमाऊं  संभाग बनाये गए हैं. जिनके लिए अलग अलग टीमें होंगी. राज्य में कुछ सांगठनिक जिलों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी. बुधवार को विश्व संवाद केंद्र में आरएसएस के प्रान्त कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने १३ और १५ मार्च को हरियाणा  के समालखा में हुई अखिल  भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक की जानकारी दी.फिलहाल २६ सांगठनिक जिले हैं राज्य में.  सेमवाल ने जानकारी देते हुज्ये बताया, इस बार प्रतिनिध सभा में संगठनात्मक  ढाँचे में भी बदलाव  का निर्णय लिया गया. इसके तहत प्रदश में अब प्रांत के बजाय प्रदेश कार्पयवाह,  प्रदेश प्रचारक का पद होगा. इसके अलावा गढ़वाल और कुमाऊं  दो संभाग बनाये गए हैं. इनमें संभाग कार्यवाह,संभाग प्रचारक व् अन्य सम्बंधित पद होंगे.  उन्हूने बतया प्रदेश में अभी संघ के २६ जिले , १२८ खंड, ७९ नगर, ७१२ मंडल, ६३९ बस्ती, १७४२ शाखा, ४६० मिल्न, २६२ मण्डली हैं. संघ के शताब्दी वर्ष के तहत विजयदशमी पर ७ कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनका आयोजन जारी है.

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अभी  उत्मेंतराखंड में  संगठन के २६ जिले हैं.  जिनकी संख्या  आने वाले सामने में बढ़ सकती है. पहले उत्तर  प्रदेश का हिसा भी संगठन में शामिल था. उन्हूने बताया की संत शिरोमणि संत रविदास का ६५०वां प्रकटोत्सव इस बार आरएसएस प्रदेश भर  में मनायेगा. प्रेस वार्ता के दौरान प्रान्त प्रचार प्रमुख संजय, गजेन्द्र खंडूड़ी,मनीष बागड़ी मौजूद रहे.

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