ऋषिकेश : आयुष्मान मरीजों के लिए अब प्रत्येक तल पर पंजीकरण की सुविधा, एम्स अस्पताल प्रशासन ने किया सुविधाओं में इजाफा

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ऋषिकेश : (मनोज रौतेला) आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को अब एम्स में इलाज हेतु पंजीकरण कराने के लिए लंबी लाईन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। एम्स अस्पताल प्रशासन ने सुविधाओं में इजाफा करते हुए अस्पताल बिल्डिंग के प्रत्येक तल पर आयुष्मान पंजीकरण काउंटर की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है।

Aiims Rishikesh
एम्स अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर सजीव कुमार मित्तल।

नई सुविधाओं के बाबत जानकारी देते हुए एम्स के चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर संजीव कुमार मित्तल ने बताया कि अस्पताल ब्लाॅक के तृतीय, चतुर्थ, पंचम और छठे तल पर अलग-अलग आयुष्मान काउंटर खोले गए हैं। इन सभी तलों पर स्थित विभिन्न वार्डों में भर्ती आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को अब एडमिशन, डिस्चार्ज और बिलिंग आदि कार्यों के लिए ग्राउंड फ्लोर पर आने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि ट्राॅमा बिल्डिंग में भी द्वितीय तल के डी ब्लाॅक में ट्राॅमा मरीजों के लिए एक अतिरिक्त आयुष्मान काउंटर कार्यरत है। जबकि डायलेसिस मरीजों के लिए अस्पताल की चौथी मंजिल में पहले से ही एक काउंटर संचालित है। डाॅ. मित्तल ने बताया कि अस्पताल में इलाज सम्बन्धी विभिन्न जानकारी प्राप्त करने हेतु अस्पताल प्रशासन द्वारा पूछताछ और हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है। कोई भी मरीज अथवा उसका तीमारदार सप्ताह के प्रत्येक दिवस में चौबीस घन्टे कार्य करने वाले एम्स के इन्क्वायरी नंबर 8475000144 पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी हासिल कर सकता है। इसके अलावा अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में न्यूरो ओपीडी के निकट और ट्राॅमा बिल्डिंग के सम्मुख कोविड जांच केन्द्र स्थल के समीप ’सेवावीर हेल्प डेस्क’ भी स्थापित है।

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ट्राॅमा हेल्प लाईन नंबर पर चिकित्सीय परामर्श भी मिलेगा-

एम्स के ट्राॅमा हेल्प लाईन टोल फ्री नंबर 18001804278 पर अब ट्राॅमा मरीजों के लिए आघात चिकित्सीय परामर्श सुविधा भी शुरू कर दी गई है। प्रो. मित्तल ने बताया कि उक्त टोल फ्री नंबर सप्ताह के सभी दिनों में चौबीस घंटे कार्य करता है। इस नंबर पर संपर्क कर ट्राॅमा वार्ड में भर्ती पेशेंट के स्वास्थ्य की जानकारी, बेड की उपलब्धता, किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर घायल मरीज के तात्कालिक उपचार संबंधी मेडिकल परामर्श और डिस्चार्ज होने वाले पेशेंट टेलिमेडिसिन कन्सलटेंसी के रूप में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा एम्स के सेवावीरों के लिए पीली जैकेट का डेस कोड लागू किया गया है। पीली जैकेट पहने एम्स के सेवावीर, असहाय मरीजों के मार्गदर्शन और उनकी सहायता के लिए ओपीडी टाईम के अलावा रात्रि समय में भी उपलब्ध रहेंगे।

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