ऋषिकेश नगर निगम बोर्ड बैठक में 89 करोड़ के बजट मिली हरी झंडी

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ऋषिकेश  : नगर निगम बोर्ड की हुई बैठक बुधवार को। इसमें 89 करोड़ के बजट को सर्व समिति से हरी झंड दी गई।इससे सड़कों और नालियों का हाल सुधरेगा ।बैठक में कई विकास कार्यों को मिली मंजूरी। वहीं भवन कर से आय न बढ़ने पर नाराजगी भी जताई गई। कुछ पार्षदों ने भवन कर को लेकर आपत्ति भी जताई। उनका कहना था की पार्किंग व भवन कर निगम के सबसे बड़े आय के स्रोत है। लेकिन इसके प्रति निगम गंभीर नहीं है ।कई इलाके में भवन कर नहीं लगाया जा सका है। कोई ठोस नीति भी नहीं है ।भवन कर निर्धारण के लिए। जबकि खास बात है निगम के पास कर विभाग का एक बहुत बड़ा ढांचा है। पार्षदों ने भवन कर क्षेत्र में संयोजित तरीके से काम किए जाने की आवश्यकता बताई।

नगर निगम की बोर्ड बैठक में 89 करोड रुपए का बजट सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इस बजट के तहत नगर क्षेत्र में सबसे अधिक नालियों और सीसी सड़कों के निर्माण व मरम्मत को मंजूरी मिली है। जिससे बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है । बुधवार को यह बैठक हुई थी।नगर निगम कार्यालय परिसर स्थित शहीद स्मारक भवन सभागार में मेयर शंभू पासवान की अध्यक्षता में यह बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में पार्षदों ने वार्षिक बजट पर विस्तार से चर्चा की और कई प्रस्ताव पर सहमति जताई। शहर की सड़कों पर लोडिंग अनलोडिंग करने वाले वाहनों से अंबार शुल्क वसूलने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक सुबह से लेकर देर रात तक चली ।शहर को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए टीवी और इंटरनेट केबल को भूमिगत यानी अंडर ग्राउंड करने का प्रस्ताव भी पास किया गया। इससे सड़कों पर फैले तारों का जाल से राहत मिलने की उम्मीद है। निगम इलाके में निराश्रित कुत्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनके नसबंदी और रेबीज रोधी टीकाकरण कार्यक्रम के अनुबंध को एक वर्ष के लिए बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। पार्षदों ने अपने-अपने प्रस्ताव रखे।  अपने क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य करवाने की मांग की है। इस दौरान तीखी बहस भी देखने को मिली। कई पार्षदों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से बोर्ड बैठक में रखे।

पार्षदों ने वेडिंग कार्ड आवंटन प्रक्रिया की जांच की मांग की है। सदन ने इस दौरान निर्णय लिया कि सत्यापन के लिए समिति गठित की जाएगी और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी

इसके अलावा पार्किंग की आय पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से कई पार्षद नाराज दिखे। पार्षदों ने आक्रोश व्यक्त किया । पार्षदों ने पार्किंग के नाम पर घोलमोल  की आशंका जताई।  बैठक में यात्रा बस अड्डा पार्किंग के ठेके को लेकर जमकर बहस हुई। पहले 1.20 करोड रुपए का ठेका था। वह घटकर 80 लख रुपए किए जाने पर पार्षदों ने नाराजगी जताई। वहीं नगर आयुक्त गोपाल राम बेनीवाल ने स्पष्ट किया की चार धाम ट्रांजिट में  नई पार्किंग शुरू होने से राजस्व प्रभावित हुआ है। इसके बाद समिति की सिफारिश पर ठेका राशि कम की गई । हालांकि आईएसबीटी और त्रिवेणी घाट पार्किंग से निगम को कोई आय के बारे में अधिकारी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए। वहीं टैक्स इंस्पेक्टर,  लेखाधिकारी के अलग-अलग बयान पर पार्षदों ने पार्किंग आय में घालमेल की आशंका जताई। बैठक देर रात तके चली।

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