ऋषिकेश : बिजली काटने के नाम पर अस्पताल बन्द कर कर्मचारियों को बेरोजगार करना चाहता है एम्स प्रशासन : जयेन्द्र रमोला

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ऋषिकेश : कोरोना काल में डीआरडीओ की ओर से IDPL में स्थापित शहीद जसवंत सिंह रावत कोविड अस्पताल बनाया गया था। जिसको संचालित एम्स ऋषिकेश द्वारा किया जा रहा था। 2.20 करोड़ रुपये की बिजली उपयोग का भुगतान ना होने के कारण अस्पताल की बिजली काट दी है। बिजली काटने से वँहा कार्यरत नर्सिंग ओर अन्य स्टाफ को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसी घटनाक्रम को देखते हुए ऋषिकेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयेंद्र रमोला ने एम्स ऋषिकेश ओर ऊर्जा निगम के खिलाफ बड़ी साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि एम्स ऋषिकेश और ऊर्जा निगम की सांठगांठ के कारण अस्पताल की बिजली काटी गई है, देश व उत्तराखंड में कोरोना का संक्रमण काफी कम हो गया है जिसको देखते हुए एम्स प्रशासन द्वारा संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत स्टाफ ओर कर्मचारियों को बाहर निकालने की साजिश कर रही है, पूर्व में भी एम्स द्वारा ऐसे कृत्य किये गए है।

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कोरोना अस्पताल को बंद करने के बाद कर्मचारियों को निकालने की बात कहेंगे। जिसका कांग्रेस विरोध करेगी। उन्हें कहा कि जब अस्पताल सरकार की तरफ से एम्स द्वारा संचालित हो था तो ऊर्जा निगम को उपयोग राशि का भुगतान क्यों नही किया गया। एम्स ओर सरकार के पास पैसों की कोई कमी नही है। एम्स प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते रहे हैं, जहॉं एक ओर आमदनी बेरोज़गारी के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहा है वहीं दूसरी ओर सरकार पेट्रोल डीजल ओर महंगाई के नाम अपना खजाना भरने में लगी है।

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रमोला ने कहा कि इस प्रकरण की जॉंच की होनी चाहिये और दोषियों को दंडित करना चाहिये। करोड़ों रूपये सरकार ने अस्थायी अस्पताल में लगाये जबकि ऋषिकेश का सरकारी अस्पताल फंड के लिये बाट जोह रही है जहॉं की स्थिति दयनीय है, सरकार को उस ओर भी ध्यान देना चाहिये।

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