उत्तराखंड में मदरसों में अब श्रीराम को पढ़ाया जायेगा औरंगजेब को नहीं 

हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के चार मदरसों में पढाया जायेगा श्री राम के बारे में

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  • उत्तराखंड वक्फ बोर्ड का ऐलान-मदरसों में राम को पढ़ाएंगे, औरंगजेब को नहीं

देहरादून : कहते हैं सत्य की जीत होती है….सत्य आंखिर तक लड़ता है और फतह हासिल करता है.  22 जनवरी के बाद देश में माहौल बदलने लगा है. अब श्री राम को पढाया जायेगा मदरसों में. यह घोषणा उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने मदरसों में भगवान राम के जीवन और उनके मूल्यों के बारे में पढ़ाने का फैसला किया है. बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने बताया कि मदरसों में भगवान राम को पढ़ाया जाएगा. औरंगजेब को नहीं पढ़ाया जाएगा. यह बड़ी पहल मानी जा रही है. इस सम्बन्ध में इस वर्ष मार्च से राज्य में चार मदरसों में लागू किया जायेगा.  शादाब शम्स ने बताया‌ कि शुरू में 4 मदरसों से शुरुआत की जाएगी। नया पाठ्यक्रम इस साल मार्च से 4 मदरसों से शुरू किया जाएगा। बाद में इसे 117 में लागू किया जाएगा। अभी जिन मदरसों में नया सिलेबस लागू किया जाएगा, वे हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में हैं।

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अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार शादाब शम्स ने कहा कि जिस तरह से पूरा देश अयोध्या में श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मना रहा है, मैने सोचा कि 4 आधुनिक मदरसों में भगवान राम के बारे में पढ़ाया जाए. अल्लामा इकबाल  ने भी भगवान राम को ‘इमाम-ए-हिंद’ कहा था. भारतीय मुसलमानों को भगवान राम का अनुसरण करना चाहिए क्योंकि हम अरब नहीं हैं. हम परिवर्तित मुस्लिम हैं, जिन्होंने अपनी पूजा पद्धति बदली, लेकिन हम अपने पूर्वज नहीं बदल सकते हैं. यह बड़ी बात कही है शादाब शम्स ने. जिसकी काफी लोगों ने तारीफ की है.

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मदरसों में भगवान राम की आदर्शों की शिक्षा देने के प्लान को समझाते हुए उन्होंने कहा, “श्रीराम सबके हैं। कौन राम जैसा बेटा नहीं चाहता है जिन्होंने अपने पिता का वादा पूरा करने के लिए सबकुछ त्याग दिया। कौन लक्ष्मण जैसा भाई या सीता जैसी पत्नी नहीं चाहता। एक तरफ हमारे सामने ऐसे चरित्र हैं और दूसरी तरफ औरंगजेब जैसे, जिसने अपने भाई की हत्या कर दी और बाप को जेल में डाल दिया। हम किसी कीमत पर औरंगजेब के बारे में नहीं पढ़ाएंगे, श्रीराम और मोहम्मद साहब की शिक्षा देंगे”

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