देहरादून -विदेश में भी “पहाड़ी टोपी” की शान-स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने उत्तराखंड की ब्रह्मकमल पहाड़ी टोपी को कनाडा में दी पहचान

कनाडा के दौरे पर हैं उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण

ADVERTISEMENTS Ad
ख़बर शेयर करें -

देहरादून। यह हर उत्तराखंडी के लिए गर्व का पल है। स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने उत्तराखंड की ब्रह्मकमल पहाड़ी टोपी को कनाडा में दी पहचान। खुद पहन बैठक में हुई शामिल।

कनाडा के हेलीफैक्स, नोवा स्कोटिया में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन के 65 वें सम्मेलन का शानदार आगाज हुआ| सम्मेलन का शुभारंभ कनाडा की गवर्नर-जनरल मैरी साइमन ने किया| सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने उत्तराखंड की पहचान ब्रह्मकमल पहाड़ी टोपी पहन कर प्रतिभाग किया| सम्मेलन में भारत का नेतृत्व सीपीए इंडिया रीजन के अध्यक्ष व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा किया गया| इस दौरान इंडिया रीजन से सभी राज्यों के विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी मौजूद रहे|

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र पर कनाडा की गवर्नर-जनरल मैरी साइमन ने राष्ट्रमंडल सांसदों से लोकतांत्रिक सिद्धांतों और राष्ट्रमंडल के मूल्यों को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया| उन्होंने कहा की राष्ट्रमंडल केवल एक नाम नहीं है, बल्कि एक लक्ष्य है। राष्ट्रों का एक समाज जो समान उद्देश्यों के साथ मिलकर काम करता है।”

ALSO READ:  UK : पर्यटकों के लिए 14 नवंबर तक अस्थाई तौर पर सभी गेट बंद हुए राजाजी नेशनल पार्क के

सम्मेलन से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा इंडिया रीजन के सभी सदस्यों के साथ बैठक की गई| जिसमें सीपीए सम्मेलन के दौरान होने वाली कार्यशाला में चर्चा के विषयों पर भारत का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व एवम पक्ष रखने के लिए रणनीति बनाई गई| इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने सम्मेलन से संबंधित सभी विषयों पर चर्चा की|

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण द्वारा अवगत किया गया है कि विश्व पटल पर उत्तराखंड की पहचान को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने ब्रह्मकमल पहाड़ी टोपी पहन कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया, साथ ही यह टोपी सभी के आकर्षण का केंद्र भी रही|उनके द्वारा कई विदेशी प्रतिनिधियों को टोपी भेंट भी की गई| विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि सम्मेलन में चर्चा होने वाले सभी विषय पर वह बेबाक अपनी बात को रखेंगी| उन्होंने अवगत किया है की सम्मेलन में कोविड महामारी की प्रतिक्रिया से लेकर जलवायु परिवर्तन से निपटने और संसद के लिए सुलभता और प्रौद्योगिकी के लिए सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने और लिंग संवेदनशील विधानमंडलों के निर्माण विषय पर विभिन्न कार्यशालाओं के दौरान चर्चा की जानी है|

ALSO READ:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान भोलेनाथ एवं महाबली हनुमान जी की प्रतिमाओं का किया अनावरण

अवगत करा दें की राष्ट्रमंडल संसदीय संघ(सीपीए) की वर्तमान में लगभग 180 शाखाएँ हैं और इसे नौ क्षेत्रों में विभाजित किया गया है|वैश्विक राजनीतिक मुद्दों और संसदीय प्रणाली में विकास पर चर्चा करने के लिए कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) कार्यशालाओं और सत्रों के माध्यम से सम्मेलन आयोजित करता है| हैलिफ़ैक्स, नोवा स्कोटिया, कनाडा में आयोजित 65वें सम्मेलन में सभी 9 रीजन के 600 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहें हैं|

Related Articles

हिन्दी English