कहीं यह कोई षड्यंत्र तो नहीं !

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कहीं यह कोई षड्यंत्र तो नहीं!
—डा. अभि दा
अचानक कुछ ऐसा घटित हो जाता है कि लिखने के लिए बाध्य होना पड़ता है। चुनाव तो प्रायः देश में कहीं न कहीं होते ही रहते हैं और उसका प्रभाव देश के आम जनमानस पर नहीं पड़ता। लेकिन एक चुनाव ऐसा हो रहा है जिसने देश के कोने कोने से लोगों को एक ही राज्य की ओर भेज दिया है। मेरे सात दशकीय जीवन की यह पहली घटना है जब देश भर के असंख्य परिवार परेशान हो रहे हैं। परेशान इसलिए हो रहे हैं क्योंकि घरों में काम करने वाली मेड्स, कुक आदि सभी बंगाल चुनाव के चलते बंगाल चली गई हैं और असंख्य परिवारों का दैनिक कार्य प्रभावित हो रहा है। सबसे पहले दिल्ली, फिर नोएडा, फिर बंगलौर आदि शहरों में रहने वाले व्यक्तियों ने जब एक ही प्रकार की परेशानी बताई तो माथा ठनका। आखिर कितना बंगाली बंगाल के बाहर है ? स्वत: जिज्ञासा हुई, क्या ये लोग मूलतः बंगाली हैं या बांग्लादेशी ? एनसीआर की असंख्य सोसायटीज में बने फ्लैटों के असंख्य सर्वेंट रूम में रह रहे ये कौन असंख्य लोग हैं जो यूं तो सामने नहीं दिखते लेकिन कैसे ये केंद्रीय राजधानी में रच बस गए हैं।
एक मेड के मुंह से यह भी निकल गया कि बंगाल आने जाने का एसी टिकट दिया गया है। हो सकता है और भी पैसे दिए गए हों। इतना भी हजम किया जा सकता है। लेकिन सारे लोग इतने लायल कैसे हो गए कि सब के सब चल दिए वोट डालने ! एक आम भारतीय नागरिक को मैंने कभी वोटिंग के लिए इतना उतावला नहीं देखा। तो क्या कोई भय है जो उनको घसीटे लिए जा रहा है? कहीं ऐसा तो नहीं कि एक ही केंद्र बिंदु से इन सब की डोर बंधी हो ? एक ही केंद्र बिंदु से इन्हें भारतवर्ष के विभिन्न शहरों में बसाने में सहायता की गई हो ? यदि ऐसा है फिर तो यह एक बहुत बड़े खतरे की घंटी है। प्राइमाफेसाई तो यह सत्य ही लग रहा है। अब तो चीनी में नमक मिला दिया गया है। अब इसको अलग करना बहुत मुश्किल हो गया है। यह स्थिति आने वाले समय के लिए बहुत बड़े खतरे की घंटी बन सकती है। इस घटना को नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता है। सरकार को बांग्लादेश से आए और आधार कार्ड बनवाकर यहां वेश बदलकर छिपे ऐसे लोगों को पहचान कर बाहर निकालने में देर नहीं करनी चाहिए। नहीं तो आगामी लोकसभा चुनावों में दलों  के वोटों का परसेंटेज और गिर सकता है । यह भी विचारणीय है कि कहीं यह एक बहुत सोची समझी चाल के अंतर्गत किया जा रहा है क्या? सरकार और सतर्कता एजेंसीज को इस ओर ध्यान देना चाहिए। जय हिन्द, जय भारत।

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