कोविड के समय नौकरी की फिर निकाल दिया अब नौकरी नहीं..UKD पहुंची समर्थन में रोजगार की मांग

नर्सिंग भर्ती भी निकली 13 साल बाद, तब तक ओवर एज हो गए लोग, न कोरोना ड्यूटी का फायदा मिला..उनका क्या होगा ?

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देहरादून : आज उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ द्वारा एकता विहार धरना स्थल में बैठे कोविड कर्मचारियों को समर्थन दिया, केंद्रीय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ राजेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि जिन कोविड कर्मचारियों ने कोविड महामारी के दौरान अपने घर बार को छोड़ कर जनता की सेवा में अपना पूरा समय दिया,तथा उस समय उनको कोविड वोरियर का नाम दिया, लेकिन उसके बाद उनके रोजगार को छीन लिया.
आज इस सर्द रातों में 205 दिन से अपने रोजगार की मांग को लेकर धरने पर बैठे राज्य के युवा संघर्षरत है, समय- समय पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत राज्य में रोजगार के आकड़े पर बात करते हैं तथा रोजगार प्रमाण पत्र बांटते पाए जाते हैं, लेकिन वही 7 महीने से रोजगार की माँग कर रहे हमारे युवाओं के साथ अन्याय कर रहे हैं, यह बड़े दुर्भाग्य की बात है।बिष्ट ने कहा कि राज्य के युवाओं के साथ हो रहे शोषण के लिए दोनो राष्ट्रीय दल जिम्मेदार हैं, उक्रांद राज्य के युवाओं के रोजगार पर बाहरी ताकतो को डाका नहीं डालने देगा,केंद्रीय प्रवक्ता युवा प्रकोष्ठ नेहा उनियाल ने कहा कि राज्य की महिलाए अपने परिवार छोड़ कर रोजगार के लिए एकता विहार धरना स्थल पर हैं, वैश्विक आपातकाल कोविड 19 के दौरान अपनी सेवाए प्रदान करने वाले युवक युवतिया जिनको गत वर्ष 2023 में अकारण ही सेवयोजन से बाहर कर दिया गया , यह किस दृष्टि से न्यायवादी व नैनीकता भरी है, एक ओर जहाँ राज्य में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न पद रिक्त है उसके बावजूद भी अपने सगे संबंधियों को लगा कर राज्य के अन्य युवाओं की अंदेखी करना, धामी सरकार के कारनामो को उजागर करती है।
देहरादून प्रभारी बृजमोहन सजवाण ने कहा कि कोविड काल में राज्य के इन युवाओं ने अस्पतालो में वार्ड, गैलरी,, साफ सफाई, सैनिटाइजेशन, एंबुलेंस के द्वारा चिकित्सा सेवाए, व अन्य सेवाए दी आज उनका तिरस्कार कर  उनके साथ धोख़ा किया है,किरन रावत ने कहा किराज्य के युवाओं को समझना होगा कि ये सिर्फ बड़े बड़े सपने दिखाकर राज्य के युवाओं का शोषण कर रहे है,। शीघ्र ही कोविड वॉरीयअर के अधिकारों के लिए रणनीति बनाकर उनके उनके अधिकार के लिए राज्य स्तरीय आंदोलन किया जायेगा।समर्थन देने वालों में केंद्रीय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ राजेंद्र सिंह बिष्ट, किरन रावत, प्रमिला रावत, विपिन रावत, नेहा उनियाल, श्याम रमोला, अनुप बिष्ट, टिकम राठौड़ आदि रहे।
नर्सिंग वैकंसी निकली 13 साल बाद और तब तक ओवर एज हो गए काफी लोग…,न कोरोना के समय की छूट मिली–
जो कोरोना  के समय जो रोजगार मेंकहा था छूट मिलेगी वह भी नहीं मिल रही है अब. जबकि काफी लोग ओवेरेज हो गए. 13 वर्ष बाद वैकंसी निकाली सरकार ने नर्सिंग की. तब तक काफी लोग ओवर एज हो गए ऐसे में उन लोगों की क्या गलती थी ? सरकार चुप है.,..उनके लिए भी. फिर कहाँ सबके लिए रोजगार हुआ  जो सरकार दावा करती है रोजगार सबके लिए दे रही करके ? कम से दो वर्ष छूट देनी चाहिए थी सरकार को. 42 से 44 या 45 करनी चाहिए थे उम्र-

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