देहरादून : नहीं रहे कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास, बागेश्वर में ली अंतिम सांस, तीन दिवसीय राजकीय शोक

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देहरादून :लंबे समय से बीमार चल रहे उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास आज बुधवार को निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। सीएम धामी ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया।

दास बागेश्वर से भाजपा विधायक थे और लंबे समय से बीमारी के चलते वे अस्वस्थ चल रहे थे. लेकिन कुछ दिन पहले से वे कई कार्यक्रमों में शिकत कर रहे थे. आज बुधवार को उनका निधन हो गया। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में बागेश्वर में अंतिम सांस ली. सुचना के मुताबिक़ तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बागेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पार्टी सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि- मंत्रिमंडल में मेरे वरिष्ठ सहयोगी चंदन राम दास के आकस्मिक निधन के समाचार से स्तब्ध हूं। उनका निधन जनसेवा एवं राजनीति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति है। ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिजनों व समर्थकों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।मंत्री चंदन रामदास के निधन पर प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। 26 से 28 अप्रैल तक राजकीय शोक रहेगा।चंदन राम दास 1997 में नगर पालिका बागेश्वर के निर्दलीय अध्यक्ष बने थे। इससे पूर्व एमबी डिग्री कालेज हल्द्वानी में बीए प्रथम वर्ष में निर्विरोध संयुक्त सचिव चुने गए थे।

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कभी अहंकार नहीं किया चार बार विधायक होने का-
चंदन राम दास 2007, 2012, 2017 और 2022 में वह लगातार चौथी बार विधायक चुने गए. वे सरल ब्यक्ति थे. कभी अहंकार नहीं किया चार बार से विधायक होने का. बल्कि राज्य में कई लोगों को पता भी नहीं था वे चार बार के विधायक हैं. जब उनका मंत्रिपद के लिए नाम आया तब लोगों को पता चला वे चार बार से विधायक हैं. कभी उन्होंने अहंकार नहीं दिखाया जैसे कई लोग राजनीती में दिखाते हैं. यही उनकी सरलता लोगों को खींच लाती थी उन तक. उनके मंत्री बनने केबाद कई काम काम अच्छे हुए हैं. रोडवेज डिप्पो का मर्जर रोका गया. जबकि अधिकारी चाहते थे. लेकिन उनोने कर्मचारियों, आम जन की आवाज सुनी. झाझरा लाइसेंसिंग ऑफिस जाने से रोका. रोडवेज अच्छा परफॉर्म करने लग गयी थी. 22 अप्रैल को चार धाम यात्रा शुरू करने के लिए ऋषिकेश पहुंचे थे. उनका कहना था यात्रियों को किसी तरह से कोई समस्या न हो. मैं रोज अधिकारियों से अपडेट ले रहा हूँ. लेकिन वे अपना कार्यकाल बीच में छोड़ कर चले गए.

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