देहरादून में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर जानलेवा हमला, रायपुर भाजपा विधायक काऊ व अन्य के खिलाफ FIR

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देहरादून में शुक्रवार को बेहद शर्मनाक घटना हुई. शिक्षा निदेशालय के अन्दर. प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर जानलेवा हमा हुआ. वे घायल हुए, कुर्सियां चली, हंगामा हुआ…विडियो, तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं…अब यह मामला राजनीतिक रूप ले चुका है. कांग्रेस और उक्रांद इसको हलके में लेने के मूड में नहीं है. मामले में जो अहम है वह है BJP विधायक उमेश शर्मा काऊ पर मारपीट का आरोप है.

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल से शिक्षा निदेशालय में घुसकर मारपीट की घटना सामने आई है. मारपीट का आरोप बीजेपी विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों पर है. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में उस समय हड़कंप मच गया जब बीजेपी विधायक उमेश शर्मा काऊ पर शिक्षा विभाग के निदेशक अजय कुमार नौडियाल  से मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप लगा. प्रदेश भर में इसकी तीखी प्रतिक्रया आ रही है. आने वाले दिनों में अहम होगा यह देखना यह मुद्दा किस तरफ जाता है. ऐसे में सरकार इसको कैसे लेती है और भाजपा कैसे लेती है ? यह भी देखना होगा.

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मामला कुछ इस प्रकार है –

किसी मुद्दे को लेकर विधायक और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई. आरोप है कि इस दौरान निदेशक अजय कुमार नौडियाल  पर हमला किया गया, जिससे वे घायल हो गए. घटना के तुरंत बाद उन्हें उपचार के लिए राजकीय जिला चिकित्सालय, देहरादून में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. घटना की खबर फैलते ही शिक्षा निदेशालय में कामकाज प्रभावित हो गया.इस दौरान परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा.

घटना के बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था पर हमला बताते हुए कड़ा विरोध जताया है. कर्मचारियों का कहना है कि यदि वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं है, तो सामान्य कर्मचारी खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करें. इसी के चलते कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित होने की आशंका है.

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फिलहाल शिक्षा निदेशालय में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. कर्मचारियों की हड़ताल से शैक्षणिक कार्यों पर असर पड़ सकता है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होती है. ख़ास बात है परीक्षाएं चल रही हैं प्रदेश में ऐसे में अगर कर्मचारी हड़ताल पर चले गए तो सरकार के लिए यह टेढ़ी खीर साबित हो सकता है. क्यूंकि हुआ तो गलत ही है. इतने बड़े अधिकारी को उसके ही ऑफिस में पीट दिया. यह एक दौर था बिहार में वैसा कुछ दिखाई दिया.

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