UK : पुलिस ने सैकड़ों किलोमीटर दूर गये १३ साल के बालक को मिलाया सकुशल परिजनों से

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- जब उम्मीदें होने लगीं कमजोर, तब पुलिस टीम के निरंतर प्रयास बने परिवार के लिए राहत की किरण
- पौड़ी पुलिस की त्वरित कार्यवाही एवं मेहनत लाई रंग, सैकड़ों किलोमीटर दूर गये बालक को मिलाया सकुशल परिजनों से
कोटद्वार : दिनांक 25.07.2026 को वादी माधवानन्द ढौंडियाल, निवासी- मानपुर, #कोटद्वार द्वारा कोतवाली कोटद्वार में एक लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रार्थना पत्र में उन्होंने अवगत कराया कि उनका 13 वर्षीय पुत्र दिनांक 21.07.2026 को घर से बिना बताए कहीं चला गया था। परिजनों द्वारा अपने स्तर पर रिश्तेदारों एवं अन्य संभावित स्थानों पर उसकी काफी तलाश की गई, किन्तु बालक का कोई सुराग नहीं लग पाया। उक्त शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में तत्काल मु0अ0सं0 165/2026, धारा 137(2) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कोटद्वार पुलिस द्वारा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट #AHTU के साथ समन्वय स्थापित कर नाबालिग बालक की तलाश हेतु व्यापक अभियान चलाया गया। बालक की गुमशुदगी की सूचना विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों एवं व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से प्रसारित की गई। साथ ही बालक के संबंध में पंपलेट तैयार कर विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए गए तथा संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन की जाती रही। पुलिस टीम व AHTU कोटद्वार के लगातार प्रयासों के क्रम में दिनांक 11.08.2026 को जिला #हनुमानगढ़, #राजस्थान पुलिस एवं वहां की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) द्वारा AHTU टीम पौड़ी से संपर्क कर सूचना दी गई कि एक नाबालिग बालक राजस्थान में लावारिस अवस्था में घूमता हुआ पाया गया है, जिसे सुरक्षा की दृष्टि से बालगृह में रखा गया है। प्राप्त सूचना के आधार पर आवश्यक सत्यापन एवं जानकारी जुटाने पर उक्त बालक की पहचान कोटद्वार से गुमशुदा हुए बालक के रूप में हुई।
पुष्टि होने के उपरांत CWC एवं AHTU टीम द्वारा तत्काल बालक के परिजनों को सूचित किया गया तथा आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए परिजनों के साथ राजस्थान जाकर बालक को सकुशल अपने पास लिया गया। इसके पश्चात बालक को कोटद्वार लाकर CWC एवं AHTU टीम द्वारा उसकी काउंसिलिंग की गई। काउंसिलिंग के दौरान बालक ने बताया कि वह कुछ कारणों से मानसिक रूप से व्यथित था, जिसके चलते उसने बिना बताए घर छोड़ दिया था। काउंसिलिंग के उपरांत नाबालिग बालक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।



