12 MBBS के छात्रों ने लगायी राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की गुहार, ये मामला है इस कॉलेज का

ADVERTISEMENTS Ad
ख़बर शेयर करें -

सहारनपुर : शिक्षा में जब इस तरफ के काम होने लग जायेंगे तो सवाल खड़े होने लाजमी हैं. खास तौर पर मेडिकल की बात करें तो. मामला उत्तर प्रेदश के सहारनपुर का है. यहाँ पर एक मेडिकल कॉलेज हैं जिसके छात्रों ने राष्ट्रपति से इच्छा मुत्यु की गुहार लगाई है. नाम है मेडिकल कॉलेज का ग्लोकल मेडिकल कॉलेज. मान्यता हो गयी रद्द..छात्रों का आरोप है फीस लेते रहे. अब छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है. जाएँ तो जाएँ कहा ? करें तो क्या करें ? कई साल तक कॉलेज के छात्र शिक्षा ग्रहण करते रहे, मगर अब तक कॉलेज को मान्यता नहीं मिली. कहीं से इंसाफ नहीं मिलने के कारण मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप कर इन छात्रों ने इच्छा मृत्यु की मांग की.

ALSO READ:  UK :राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामई उपस्थिति में आईएमए की पासिंग आउट परेड सम्पन्न, 9 महिला कैडेट्स ने भी रचा इतिहास

छात्रों का आरोप है कि बिना मान्यता के ही छात्रों को अंधकार में रखकर लाखों रुपए की फीस ले ली गयी समय अलग से बर्बाद.कोर्ट भी गए, नेता, मंत्री सब जगह गए लेकिन कुछ नहीं हुआ अभी तक. हमें दिलाशा देते रहे कॉलेज स्टाफ की आपका केस लड़ रहे हैं हो जायेगा और फीस के नोटिस देते रहे और फीस लेते रहे छात्रों से. आपको बता दें यह कॉलेज बहुजन समाज पार्टी सरकार के समय एमएलसी व खनन कारोबारी रहे हाजी मोहम्मद इकबाल का है. नाम है ग्लोकल यूनिवर्सिटी. जिसे मान्यता नहीं मिलने के कारण अब छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है और छात्र राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं. 12 छात्र है अलग अलग राज्य से हैं. नीट क्वालिफाइड हैं. वहीँ कॉलेज प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की प्रतिक्रिया लेने के लिए तो उन्होंने फोन नहीं उठाया.

ALSO READ:  UK : हल्द्वानी के बेलबाबा मंदिर इलाके में हाईकोर्ट शिफ्ट करने की कवायद !

एडमिशन से पहले सतर्कता जरुरी-

सतर्कता भी जरुरी है. लोगों को पता करना चाहिए कौन यूनिवर्सिटी मान्यता प्राप्त हैं कौन है. आजकल सब वेबसाइट पर जानकारियां दी हुई होती हैं. इसके अलावा आरटीआई भी है हथियार. खुद मेडिकल काउंसिल में पता कर सकते हैं. फिलहाल, अब क्या होगा इन छात्रों का किसी के पास कोई जवाब नहीं है.वरना शिक्षा की दुकान हर जगह खुल गयी हैं आजकल. सरकार को भी इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए ताकि छात्रों का भविष्य खराब न हो.

Related Articles

हिन्दी English