UK : हल्द्वानी के बेलबाबा मंदिर इलाके में हाईकोर्ट शिफ्ट करने की कवायद !

ADVERTISEMENTS Ad
ख़बर शेयर करें -
  • हल्द्वानी नैनीताल जिले में पड़ता है, बेल बाबा मंदिर क्षेत्र रामपुर रोड पर पड़ता है

हल्द्वानी :  उत्तराखंड हाई कोर्ट को शिफ्ट करने की एक बार फिर से  कवायद शुरू हो गयी है। उसी के मद्देनजर अब हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित बेल बाबा मंदिर क्षेत्र में हाईकोर्ट शिफ्टिंग की कवायद गतिशील है।आपको बता दें, संबंधित मामले प्रक्रिया फिलहाल चल रही है। बेल बाबा मंदिर क्षेत्र टांडा जंगल से लगा हुआ है। हल्द्वानी से रामपुर-दिल्ली मुख्य हाई वे पर है बेल बाबा मंदिर क्षेत्र।शासन स्तर पर अधिकारी अपनी टीम संग इस इलाके में जगह देखने भी गए थे।इससे, हाई कोर्ट शिफ्टिंग की कवायद एक बार फिर शुरू हो गयी है।

उल्लेखनीय है, उत्तराखंड हाई कोर्ट को सरोवर नगरी नैनीताल से हल्द्वानी ट्रांसफर करने की लंबे समय से चल रही कवायद चल रही है। अब रामपुर रोड स्थित बेल बाबा मंदिर के निकट क्षेत्र को हाई कोर्ट परिसर के लिए संभावित स्थान के रूप में देखा जा रहा है। हिंदी समाचार पत्र दैनिक जागरण की खबर के अनुसार इसके लिए शासन और जिला प्रशासन स्तर पर विभिन्न पहलुओं पर शुरुआती प्रक्रियाएं चल रही है।वहीं, शासन स्तर पर सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित स्थल की उपलब्धि भूमि पहुंच मार्ग, यातायात व्यवस्था, पर्यावरणीय प्रभाव और अन्य प्रशासनिक आवश्यकताओं का परीक्षण किया जा रहा है। हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।इसमें  विभिन्न तकनीकी व कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है। कोर्ट से जुड़ी समिति भी जांच के लिए पहुंच चुकी है। जबकि इससे पहले भी हाई कोर्ट को हल्द्वानी के गौलापार इलाके में स्थापित करने की योजना पर भी गंभीरता से काम किया गया था। उस समय आवश्यक भूमि चिन्हीकरण और अन्य प्रक्रियाएं भी आगे बढ़ी थी। लेकिन बनभूमि और पर्यावरणीय स्वीकृतियों से जुड़े मुद्दों के कारण परियोजना अधर में अटक गई। असल में नैनीताल में सीमित जगह है। यातायात दबाव और पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोगों से लेकर आमजन को परेशानी हो रही है। इसे लेकर हाईकोर्ट को मैदानी क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग भी समय-समय पर उठती रही है । एक बार इस मामले में ऋषिकेश का भी नाम आया था। लेकिन इसका तीव्र विरोध देखने को मिला था।अब इस मामले में फिलहाल सभी के नजर शासन स्तर पर होने वाले आगामी निर्णय पर टिकी हुई है। 

Related Articles

हिन्दी English