UP: “फर्जी पत्रकारों” के खिलाफ महाअभियान…30 जुलाई को हजरतगंज से होगा प्रदेशव्यापी अभियान का आगाज

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- दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी से अभियान को मिला नैतिक बल
लखनऊ : कुछ समय पहले दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा प्रेस/MEDIA की स्वतंत्रता और जवाबदेही पर की गई टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) ने फर्जी पत्रकारों और “प्रेस” लिखे फर्जी वाहनों के खिलाफ अभियान तेज करने का ऐलान किया है। क्यूंकि इनको न किसी अच्छे संस्थान (टीवी न्यूज़ चैनल/अख़बार/पत्रिका) का अनुभव है न अच्छी शिक्षा..किसी पत्रकार के साथ कुछ दिन घूम लिए बन गए स्वयम्भू पत्रकार. या जैसे तैसे कोई माइक ID या जान पहचान से रिपोर्टर का तमगा हासिल कर लिया हो गए पत्रकार. ऐसे लोगों ने माहौल खराब कर दिया है. रोज कई शिकायतें आती हैं. सोशल मीडिया में कुछ भी लिख देते हैं, कुछ भी विडियो या फोटो डाल देते हैं, ये भी नहीं पता कब क्योँ और कैसे अपलोड करना है. वसूली,ब्लैकमेलिंग अलग से होती है. आम जन के बीच पत्रकार की भूमिका पर शक किया जा रहा है. वर्षों से जो पत्रकारिता कर रहे हैं उनको ऐसे लोगों से परेशानी हो रही है. जो ठीक नहीं है. कम से कम ५ साल का अनुभव तो हो किसी संस्थान में काम किया हो…शिक्षा कम से कम स्नातक तो हो…
अभियान की मुख्य बातें-
शुभारंभ: 30 जुलाई 2026, सुबह 10 बजे
स्थान: हजरतगंज चौराहा, लखनऊ
नेतृत्व: समिति संयोजक प्रभात कुमार त्रिपाठी
अभियान में समिति अध्यक्ष विक्रम राव, महासचिव ज्ञानेश पाठक, सभी उपाध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी और पूरी टीम मौजूद रहेगी।
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क्या कहा समिति ने-
प्रभात कुमार त्रिपाठी, संयोजक ने कहा – “दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ किया है कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का आधार है, लेकिन इसका दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं होगा। आज मोबाइल और माइक्रोफोन लेकर कोई भी खुद को पत्रकार बता देता है। न प्रशिक्षण, न जवाबदेही।” उन्होंने साफ किया कि यह अभियान वास्तविक पत्रकारों के खिलाफ नहीं है। यह अभियान उन फर्जी पत्रकारों और अवैध रूप से ‘प्रेस’ लिखकर चलने वाले वाहनों के खिलाफ है जो पत्रकारिता की आड़ में गलत गतिविधियां करते हैं। लक्ष्मीकांत तिवारी, प्रवक्ता ने कहा – “यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पत्रकारिता की साख बचाने का जन-जागरण अभियान है।” लखनऊ के पत्रकार अमितेश श्रीवास्तव का कहना है, इस तरह के पत्रकारों ने माहौल खराब कर के रख दिया है.इन पर नकेल जरुरी है. चार दिन आये नहीं हुए होते हैं और समाज के बीच से शिकायतें आनी शुरू हो जाती हैं. नए लोगों में कम से कम संस्थानों में पांच साल अनुभव् और डिग्री धारी हो…ऐसे में अभियान जरुरी है. हम समर्थन में हैं.
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पुलिस से सहयोग की मांग-
अभियान में सहयोग के लिए पुलिस आयुक्त, ट्रैफिक, डीआईजी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
सभी मीडिया संस्थानों से अपील-
समिति ने प्रदेश के सभी प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
उद्देश्य: पत्रकारिता की विश्वसनीयता, समाज के विश्वास और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा की रक्षा।



