ऋषिकेश : मधुबन आश्रम में बाहरी लोगों द्वारा अवैध कब्ज़ा करने का प्रयास ! UKD ने जताई चिंता, बोले एक्शन हो
ऋषिकेश :सोमवार को UKD की एक बैठक हुई कैलाश गेट स्थित एक रेस्टोरेंट में. उसके बाद प्रेस कांफ्रेंस हुई. विषय था, कैलाश गेट स्थित प्रतिष्ठित मधुबन आश्रम में बाहरी लोगों द्वारा कब्जे करने का प्रयास का विरोध करना. आश्रम में मामला दो पक्षों के बीच है. मंदिर प्रबंधन (सेवादारों) जो अभी काबिज है और सेवा कर रहा है और दूसरा पक्ष. दोनों पक्षों के बीच मामला टिहरी कोर्ट में विचाराधीन है. आश्रम के पीठाधीश्वर परमानन्द दास महाराज को चादर ओढाई गयी थी वही अभी मंदिर की सेवा कर रहे हैं, उनका कहना है, इससे पहले इस मामले में नरेन्द्र नगर कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन (जो वर्तमान में सेवा कर रहा है) के पक्ष फैसला सुनाया था. जो धाराएं लगायी गयी थी हमारे खिलाफ वे गलत पायी गयी. कोर्ट ने उनको गलत माना. उसके बाद दूसरा पक्ष विरोध में टिहरी कोर्ट चला गया. जिसकी तारिख ११ मई की है. एक मामला मुंबई में भी दर्ज कराया गया है. दूसरे पक्ष में एक पूर्व में ट्रस्टी थे मंदिर के जो दूसरे पक्ष के साथ बाद में मिल गए, बाकि अन्य लोग हैं.

उसके बाद कई बार मंदिर में कुछ बाहरी लोगों द्वारा कब्जा करने का प्रयास किया गया है. जिससे वहां पर भक्तो पर असर , मंदिर की प्रतिष्ठा पर भी प्रभाव पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का भी कहना है ऐसा प्रयास गलत है. जब आपका मामला कोर्ट में है आप वहां लड़िये. जो कोर्ट फैसला देगा वह मान्य होगा. यह बात UKD ने भी प्रेस कांफ्रेंस कर कही. प्रेस कांफ्रेंस में उक्रांद की तरफ से बरिष्ठ नेता सुरेन्द्र भंडारी, विकास रायल, केंद्रीय उपाध्यक्ष (युवा), करण सिंह बर्थवाल, शोभा चंदोला, शशि बंगवाल, केएस राणा, महिला सिंह बिष्ट (नगर अध्यक्ष मुनि की रेती), विपिन रावत (केंद्रीय महामंत्री), संदीप भंडारी,कुंवर सिंह राणा आदि लोग मौजूद रहे. नगर अध्यक्ष, महिला सिंह नेगी का कहना था, उक्रांद ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए वर्तमान में मंदिर सेवादारों से बात की उसके बाद बैठक और प्रेस कांफ्रेंस कर मामले में अपना पक्ष रखा है. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान परमानन्द दास महाराज भी मौजूद रहे.

सभी का कहना था कोर्ट में जब मामला है तो वहां देखिये, ऐसे विवाद खड़ा करना सही नहीं है मंदिर परिसर में. जहाँ तक मंदिर की बात है यह सार्वजनिक है. भक्त आते हैं उनकी श्रधा है. अगर इस तरफ से बाहरी ब्यक्ति यहाँ आते हैं और षड़यंत्र रच कर ट्रस्टी बताकर मंदिर में विवाद खड़ा करते हैं तो हम इसको वर्दाश्त नहीं करेंगे. उक्रांद जल जंगल जमीन और यहाँ पर मंदिर, मठ,आश्रमों की सुरक्षा के लिए उक्रांद आवाज उठाती है. हमारे मंदिरों को इस तरफ से विवादित नहीं होने देंगे हम. कोर्ट जो फैसला देगा उसको माना जायेगा. लेकिन उससे पहले इस तरफ का विवाद करना ठीक नहीं है. हम अपने मठ, मंदिरों, आश्रम के हक़ में आवाज उठाएंगे. सुरेन्द्र भंडारी और विकास रयाल का कहना था, कैलाश गेट, ऋषिकेश स्थित प्राचीन एवं प्रतिष्ठित मधुबन आश्रम पर कुछ बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा जबरदस्ती कब्जा करने का गंभीर प्रयास किया जा रहा है. जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. हमारी भी यहाँ श्रधा है. हम भी दर्शन, पूजन के लिए आते हैं मंदिर. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कोई भी बाहरी ब्यक्ति आ कर विवाद खड़ा करेगा. जो मामला कोर्ट में उसको आप कोर्ट में देखिये. कोर्ट के फैसले का सम्मान होगा. महिपाल सिंह बिष्ट के मुताबिक़, जानकारी मिली है कि इन असामाजिक तत्वों ने आश्रम परिसर पर अवैध रूप से अधिकार जमाने के उद्देश्य से बाहर से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों एवं गुंडों को बुलाया है. ये लोग आश्रम के सेवादारों, संतों एवं श्रद्धालुओं को धमका रहे हैं तथा परेशान कर रहे हैं.




