UK : बनकोट समेत अन्य गावों के ग्रामीणों की मांग बागेश्वर जिले में शामिल करें ये गाँव

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  • ग्रामीणों ने क्रमिक अनशन की दी चेतावनी
  • बागेश्वर जिला मुख्यालय पड़ता है नजदीक, पिथौरागढ़ दूर, बागेश्वर एक घंटे में जबकि पिथौरागढ़ कम से कम ६ घंटे लगते हैं…
  • कई वर्षों से चल रही है मांग, CM धामी ने भी कांडा दौरे के दौरान कहा था करेंगे शामिल

पिथौरागढ़/कांडा :बनकोट इलाके के गाँवों को बागेश्वर में शामिल करने की मांग तेज होने लगी है. इसी को लेकर  बनकोट क्षेत्र की 10 ग्राम पंचायतों को बागेश्वर में शामिल करने की मांग के लिए संघर्ष समिति की बैठक हुई.ये गाँव बागेश्वर -पिथौरागढ़ सीमा पर बसे हैं. इन गांवों के लोग काफी समय से मांग करते आ रहे हैं. लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया अभी तक….हाँ मुख्यमंत्री धामी कांडा दौरे पर आये थे, उस समय उन्हूने ऐलान किया था शामिल करेंगे करके. लेकिन अभी तक कोई प्रशसन की तरफ से कार्रवाई नहीं हुई. बनकोट क्षेत्र की १० ग्राम पंचायत हैं. बागेश्वर लगभग ३० किलोमीटर जबकि पिथौरागढ़ लगभग १७० किलोमीटर दूर पड़ता है. ऐसे में ग्रामीणों को काफी समस्या होती है.  यह बैठक संघर्ष  समिति के तत्वाधान में आयोजित हुई थी. समिति के अध्यक्ष पूर्व सूबेदार मेजर शिवराज सिंह बनकोटी की अध्यक्षता में बैठक हुई है. साथ ही फैसला हुआ, १५ फ़रवरी से पंचायत घर बनकोट में क्रमिक अनशन शुरू किया जायेगा. आपको बता दें, 1997 में बागेश्वर जिला बना था अल्मोड़ा से अलग हो कर. १० ग्राम पंचायत जिनमें बनकोट, जुमतोला, पलतोड़ी, भट्टी गाँव, सिरसोली, बटगरी, काकड़पानी, धारी, बासीखेत, धारी हैं. यहाँ के ग्रामीण लगातार आन्दोलन करते आ रहे हैं. जमीन और कागजों में.  आबादी लगभाग ६ हजार के आस पास है. इन ग्रामीणों की अधिकतर रिश्तेदारी भी कांडा, बागेश्वर इलाके में अधिक है. जिनमें मजिला, रौतेला, धपोला, नगरकोटी, रावत, नेगी,डसीला,  पिल्ख्वाल आदि लोगों में रिश्तेदारी हैं.  अब इन्तजार हैं इन ग्रामीणों को बागेश्वर में शामिल कराने की.

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