UK : नेपाली फार्म स्थित शहीद पार्क में खटीमा एवं मसूरी गोलीकांड के शहीदों की 32वीं बरसी पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad
ख़बर शेयर करें -

ऋषिकेश : नेपाली फार्म स्थित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीद पार्क में संयुक्त क्षेत्रीय संघर्ष समिति के तत्वावधान में खटीमा गोलीकांड एवं मसूरी गोलीकांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों की 32वीं बरसी पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए उनके बलिदान को नमन किया।

कार्यक्रम के संयोजक  शीशपाल पोखरियाल  रहे तथा कार्यक्रम का संचालन श्री सुधीर राय रावत जी ने किया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पूर्व आईएएस अधिकारी  सुरेंद्र सिंह पांगती ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। खटीमा और मसूरी गोलीकांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों का बलिदान उत्तराखंड के इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए ईमानदारी से संघर्ष करें।

पूर्व सैन्य अधिकारी  पी.सी. थपलियाल ने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान जिस साहस और संकल्प के साथ आंदोलनकारियों ने संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। शहीदों के सपनों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

ALSO READ:  दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने उत्तराखंड में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एवं पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रस्ताव पर विभागीय परीक्षण के दिए निर्देश

पूर्व कैबिनेट मंत्री  सुरबीर सिंह सजवाण ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का आंदोलन नहीं था, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड की जनता के स्वाभिमान और अधिकारों का संघर्ष था। राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

पुष्पा रावत ने कहा कि राज्य आंदोलन की शहादतों को केवल बरसी के अवसर पर याद करना पर्याप्त नहीं है। हमें आंदोलनकारियों के संघर्ष और उनकी भावनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना होगा तथा उत्तराखंड को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करना होगा।

 कृपाल सिंह रावत सरोज ने कहा कि खटीमा और मसूरी गोलीकांड के शहीदों ने उत्तराखंड की आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। आज हमारा कर्तव्य है कि उनके सपनों और संघर्ष की भावना को जीवित रखें।

ALSO READ:  नेपाल : भारत के विमान से नेपाल को 11 टन राहत सामग्री भेजी जाएगी, चौथे चरण में

कार्यक्रम के संचालक  सुधीर राय रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन का इतिहास केवल किताबों में दर्ज करने के लिए नहीं, बल्कि उससे प्रेरणा लेकर प्रदेश के वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए है। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाना ही हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम मे उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारीयों का सम्मान किया गया सम्मानित होने वालो मे  वीरेंद्र शर्मा पूर्व अध्यक्ष नगरपालिका ऋषिकेश,  भूपेंद्र सिंह कालूड़ा , धर्मानंद लखेड़ा,  देवी प्रसाद व्यास, राजेंद्र सिंह रावत,  धर्म सिंह काळूड़ा,  खुशहाल सिंह राणा, बी डी पाण्डेय,  भगवंत सिंह संधू, दीपा चमोली,  विमला रावत,  लक्ष्मी देवी गुसांईं, विमला देवी,  फयूला देवी,  मधु डबराल,  तुलसी देवी आदि सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व प्रधान सतीश रावत,  शंकर दयाल धने, विनोद चौहान,  कैलाश बिंजोला   देवेंद्र बेलवाल , नरेन्द्र नेगी  संजय बुड़ाकोटी  राहुल रावत, रविन्द्र भारद्वाज आदि उपस्थित रहें।

Related Articles

हिन्दी English