UK :प्राचीन श्री रामलीला हल्द्वानी में दिन में सूर्पणखा-खरदूषण वध, रात्रि में वृंदावन के कलाकारों द्वारा भव्य धनुष यज्ञ एवं राम विवाह

ADVERTISEMENTS
- नगर की सबसे प्राचीन श्री रामलीला संचालन समिति, हल्द्वानी द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव में आज रोमांचक और भव्य प्रसंगों का मंचन किया गया
हल्द्वानी : दिन की लीला में व्यास पुष्कर दत्त जी के निर्देशन में अगस्त्य मुनि आगमन, पंचवटी में निवास, सूर्पणखा की नाक काटना तथा खर-दूषण वध की लीला का मंचन हुआ।प्रसंग के अनुसार वन में भ्रमण करते हुए श्रीराम अगस्त्य मुनि के आश्रम में पहुँचते हैं जहाँ मुनि उन्हें दिव्य अस्त्र प्रदान करते हैं। इसके पश्चात भगवान पंचवटी में निवास करते हैं जहाँ रावण की बहन सूर्पणखा राम पर मोहित हो जाती है और लक्ष्मण जी द्वारा उसकी नासिका छेदन किया जाता है। अपनी बहन का अपमान सुनकर खर-दूषण त्रिशिरा 14 हजार सेना लेकर युद्ध करने आते हैं, जहाँ भगवान राम अकेले ही उनका संहार करते हैं।

रात्रि की लीला का मंचन विशेष रूप से आमंत्रित *श्री बृजेश्वरी लीला मंडल, वृंदावन के सधे हुए कलाकारों द्वारा किया जा रहा है। रात्रि लीला में धनुष यज्ञ, रावण-बाणासुर संग्राम, परशुराम-लक्ष्मण संवाद तथा भव्य राम विवाह का अलौकिक मंचन किया गया।जिसमें राजा जनक के दरबार में सभी राजाओं का गर्व चूर होना, रावण और बाणासुर द्वारा धनुष को हिलाने का असफल प्रयास, भगवान राम द्वारा शिव धनुष भंग करना, क्रोधित परशुराम जी का आगमन और लक्ष्मण जी से उनका तीखा संवाद तथा अंत में सीता-राम विवाह का भव्य दृश्य मुख्य आकर्षण रहा। बृजेश्वरी लीला मंडल के व्यास जी द्वारा धनुष यज्ञ व रामविवाह का बहुत सुंदर वर्णन किया। शेखर गर्ग द्वारा श्री राम सेवा में निःशुल्क फोटोग्राफी लगातार की जा रही है। आज की सेवा में अनेकों संस्थाओं ने रामलीला मैदान में अपनी सेवाएं प्रदान की जिसमें वैनी सेना, केसरवानी महिला समिति, गो ग्रीन संस्था, कसौधन समाज, पटवा महिला समिति।

समिति ने समस्त नगरवासियों से अपील की है कि दोनों लीलाओं में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर भगवान श्रीराम चरित्र का सजीव आनंद लें। आज व्यास पूजन राकेश गर्ग, विजय भट्ट, रविंद्र बाली , कृष्ण चंद्र बेलवाल , प्रतीक अग्रवाल ने किया। आज संचालन समिति के सदस्यों प्रदीप जनौटी, सौरभ अग्रवाल, हरीश आर्य, तनुज गुप्ता, योगेश शर्मा , मनोज गुप्ता और अमित जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया।





