यहां बाघ मारने के लिए नेपाल से भी टीम बुलानी पड़ी, मारा गया आखिर बाघ

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नीलांश झा की रिपोर्ट-

बीटीआर में आदमखोर बाघ को मारने के लिए नेपाल से एक्सपर्ट की टीम बुलानी पड़ी।बिहार एसटीएफ और नेपाल की एक्सपर्ट टीम ने आदमखोर बाघ को आखिर मार गिराया।

आदमखोर बाघ अब तक 9 महीने में 10 लोगों की जान ले चुका है। शनिवार को भी उसने 2 लोगों की जान ले ली थी। मामला बीटीआर का है यानी कि वाल्मिकी टाइगर रिजर्व का।यहां आदमखोर बाघ काफी दिनों से लोगों की जान ले रहा था। आज भी बाघ के हमले में 2 लोगों की मौत की खबर है।पश्चिमी चंपारण जिले में बाघ को मारने के लिए एसटीएफ तैनात की गई थी और नेपाल से भी टीम बुलाई गई थी। यह नरभक्षी बाघ अब तक 9 लोगों की जान ले चुका है। कई दिनों तक इसे पकड़ने का अभियान चलाया गया, लेकिन शातिर बाघ अपनी लोकेशन बदलता रहता और बचता रहता। अंत में उसे मारने का आदेश दिया गया। शनिवार को नेपाल से बुलाए गए एक्सपर्ट की टीम ने उसे मार गिराया।

इससे पहले आज सुबह बिहार के बगहा में आदमखोर बाघ को लोगों ने गन्ने के खेत में खेत लिया था। उसे मारने के लिए नेपाल से टीम बुलाई गई। मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग लाठियां लेकर बाघ की तलाश कर रहे थे।वन विभाग और पुलिस की टीम भी मौजूद रही। डीएफओ से लेकर वन अधिकारी पहुंचे घटनास्थल पर शूटर्स भी मौके पर बाघ को ढूंढने में लगे थे।शासन द्वारा आदमखोर बाघ को गोली मारने के आदेश दिए गए थे। आज सुबह ही उसने मां बेटे पर हमला कर हत्या कर दी थी। उसके बाद वन विभाग के लिए बाघ चुनौती बन गया था।

पश्चिमी चंपारण जिले में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे रबिया वन क्षेत्र के बलवा गांव में मां बेटे को आज बाघ ने हमले में मार दिया था। इसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे और उन्होंने वन विभाग कार्यालय को घेर वाहनों को मैं तोड़फोड़ की थी लोगों ने वन कर्मियों को बंधक बनाकर उन्हें पीटना भी शुरू कर दिया था इसके बाद वन विभाग के अधिकारी वह वन कर्मचारी घटनास्थल से जान बचाकर भाग गए थे मौके पर लोगों को शांत कराने पहुंची पुलिस प्रशासन पर भी आक्रोशित लोगों ने पथराव करना शुरू कर दिया था। अब जब बाग को गोली मार दी गई है उसके बाद वन विभाग और लोगों ने राहत की सांस ली है।

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