ऋषिकेश : गीता आश्रम में त्रिदिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा भक्ति पूर्वक मनाया गया

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ऋषिकेश : गीता आश्रम में त्रिदिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा भक्ति पूर्वक मनाया गया. इस अवसर पर आश्रम में अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. इसके अंतर्गत अखंड रामचरितमानस पाठ गीता पाठ गीता गायत्री यज्ञ भजन कीर्तन एवं विशिष्ट संतो के प्रवचन कार्यक्रम संपन्न हुए। गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए मुख्य अतिथि नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक जी महाराज ने कहा गुरु आत्म साक्षात्कार का मार्ग दिखाता है. वह अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है. इसी क्रम में स्वामी गोविंद दास महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि गुरु के दिए हुए ज्ञान को अपने जीवन में उतारना चाहिए. 

गीता आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी वेदव्यास आनंद सरस्वती जी ने जो की गुरु परंपरा के संवाहक थे. उन्होंने कहा कि गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची गुरु पूजा है.इस अवसर पर पानीपत के अनमोल शर्मा पार्टी द्वारा बहुत ही सुंदर धार्मिक झांकियां दिखाई गई. जिसमें भगवान शिव मां दुर्गा लक्ष्मी नारायण मां काली एवं हनुमान जी की झांकियां दर्शनीय थी। उनके कलाकारों के द्वारा बहुत ही सुंदर धार्मिक भजन प्रस्तुत किए गए. गुरु पूजा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुछ उप जिलाधिकारी यमकेश्वर चतर सिंह चौहान, तहसीलदार वैभव जोशी, कानूनगो आदि अधिकारीगण मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर धामी का शुभकामना संदेश उनके द्वारा आश्रम को प्रदान किया गया. सम्मानित अतिथिगणों में ट्रस्ट अध्यक्ष डॉ दीपक गुप्ता, उपाध्यक्ष डॉ भारती गुप्ता, सचिव मुनेश त्यागी, कोषाध्यक्ष प्रदीप मित्तल का कार्यक्रम संचालक भानु मित्र शर्मा एवं त्रिभुवन उपाध्याय आदि महानुभावों द्वारा स्वागत किया गया। गीता गायत्री यज्ञ पूर्णाहुति गुरु पूजन के उपरांत भंडारा प्रसाद संपन्न हुआ. इस अवसर पर देश के अनेक नगरों से सैकड़ो की संख्या में आए श्रद्धालु भक्तों में आश्रम संस्थापक ब्रह्मलीन गुरुदेव स्वामी वेदव्यास आनंद सरस्वती जी एवं ट्रस्ट संस्थापक ब्रह्मलीन योगीराज स्वामी शांतानंद सरस्वती जी की मूर्तियों का पूजन किया गया।



