बागेश्वर : बीते 7 महीने में DM रही आकांक्षा कोंडे की ये उपलब्धियाँ रहीं

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बागेश्वर : जनपद बागेश्वर में बीते सात महीनों के दौरान जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे के नेतृत्व में विकास, प्रशासनिक सक्रियता एवं जनकल्याण की दिशा में अनेक उल्लेखनीय कार्य संपन्न हुए हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को केवल कार्यालयों तक सीमित न रखकर उसे गांव, किसानों, महिलाओं, युवाओं एवं आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया, जिसके सकारात्मक परिणाम विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिले।

जिलाधिकारी के रूप में उनके नेतृत्व में जनपद की आर्थिक गतिविधियों को गति देने हेतु कई महत्वपूर्ण पहल की गईं। अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री एवं कौसानी चाय फैक्ट्री जैसी बंद पड़ी इकाइयों को पुनः संचालित करवाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए गए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हुए तथा मजदूरों के लंबित वेतन एवं भविष्य निधि भुगतान की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया।

खड़िया खनन क्षेत्र में व्यावहारिक समाधान निकालते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान की गई। वहीं कपकोट क्षेत्र में ‘कुटकी’ जैसी औषधीय फसल की खेती को बढ़ावा देकर ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य किया गया। वर्तमान में 13-14 ग्राम पंचायतों की लगभग 350 महिलाएं 46 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती कर रही हैं, जिससे लाखों रुपये की आय अर्जित हो रही है।

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आपदा प्रबंधन एवं पुनर्निर्माण कार्यों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। जिलाधिकारी के प्रयासों से आपदा पुनर्निर्माण हेतु 1109.25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई, जिसके अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इनमें क्षतिग्रस्त सड़कों का सुदृढ़ीकरण, पैदल पुलों का निर्माण, विद्यालयों की सुरक्षा एवं सिंचाई गूलों की मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में भी उनके कार्यकाल में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई। पंडित बद्रीदत्त पांडे परिसर के विज्ञान संकाय भवन का वर्षों बाद सफल हस्तांतरण सुनिश्चित किया गया। लगभग 183.35 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह भवन अब विद्यार्थियों के उपयोग में आ चुका है, जिससे उन्हें बेहतर शैक्षणिक एवं प्रयोगशाला सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

स्वरोजगार एवं रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद में आधुनिक एवं एकीकृत कृषि मॉडल को प्रोत्साहित किया गया। सलीगांव के मनोज कोरंगा जैसे किसानों ने पॉलीहाउस, मत्स्य पालन एवं खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से सफल मॉडल प्रस्तुत किए, जिससे अन्य किसान भी प्रेरित हुए।

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कृषि क्षेत्र में कीवी उत्पादन जनपद की एक बड़ी उपलब्धि बनकर उभरा है। वर्ष 2022-23 से पूर्व सीमित क्षेत्र में होने वाली कीवी खेती अब लगभग 80 हेक्टेयर तक पहुंच चुकी है। वर्तमान में 350 से अधिक किसान इससे जुड़े हुए हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

इसके अतिरिक्त जैविक खेती, औषधीय पौधों के उत्पादन तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में भी प्रभावी कार्य किए गए।

समग्र रूप से देखा जाए तो जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे के नेतृत्व में बागेश्वर जनपद ने विकास, नवाचार, आत्मनिर्भरता एवं जनसहभागिता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की। अपने सात माह के कार्यकाल में उन्होंने प्रशासनिक संवेदनशीलता, कार्यकुशलता एवं जनहितकारी दृष्टिकोण का प्रभावी परिचय दिया।

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