सुल्तानपुर : आसपास के जनपदों से स्नान के लिए पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु, त्रेतायुग से है धोपाप का पौराणिक महत्व

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सुल्तानपुर/गंगा दशहरा के अवसर पर गुरुवार को जनपद के प्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ स्थल धोपाप क्षेत्र पहुँचने वाले दर्शनार्थियों का रेला देखा गया, पड़ोस के जनपद प्रतापगढ़ व जौनपुर सहित अन्य जनपदों से बड़ी संख्या में लोग तीर्थराज धोपाप की ओर निकल पड़े है। चांदा चौराहे से धोपाप के लिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्री जाते हुए देखे जा सकते है। गंगा दशहरा को धोपाप स्नान दान का बड़ा महात्म्य है। बताते हैं कि लंका विजय के बाद भगवान श्री राम जब अयोध्या जाते हुए ब्रह्म हत्या पाप से मुक्ति पाने के लिए पावन गोमती नदी के इसी तट पर स्नान किया था। इसी के साथ ब्रह्म हत्या पाप से मुक्ति पाई थी। तब से ही यह स्थल धोपाप के नाम से जाना जाने लगा है। जेष्ठ माह की दशमी तिथि को यहां बड़ी संख्या में लोग स्नान दान कर पाप मुक्ति और पुण्य अर्जित करने की अभिलाषा में पहुंचते हैं। पहले तो लोग पैदल यात्रा करते थे और रास्ते में उनके स्वागत के लिए ग्रामीण बड़ी संख्या में जल जलपान की व्यवस्था भी करते थे। लेकिन अभी समय बदला है तीर्थ स्थल धोपाप तक पहुंचने का चार तरफ से रास्ता शुगम हो गया है।

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कादीपुर बरूवारीपुर घाट हो दियरा घाट हो पुल बन गया है। लम्भुआ के अलावा चाँदा से तीर्थराज धोपाप तक पहुँचने के लिए पक्की सड़कें बन गई है। ऐसे में अब लोग साधनों से हैं वहां पहुंचते हैं। इसी क्रम में आज धोपाप में बड़ी संख्या में दर्शनार्थी स्नान के बाद दान कर पुण्य अर्जित करेंगे।

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