सहारनपुर : स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के पदाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई वार्ता, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कर्मचारियों को दिए निर्देश, खनन चालको को बेवजह न किया जाए परेशान

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से स्टोन क्रेशर संचालकों में भारी गुस्सा

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  • खनन से भरे वाहनों के खिलाफ की जा रही कारवाई हो बंद
  • प्रशासन के उत्पीड़न से खनन कारोबार बंदी के कगार पर
  • 8000 मजदूर हो सकते हैं बेरोजगार

सहारनपुर: अवैध खनन को लेकर प्रशासन द्वारा क्यों जा रही का कारवाई के विरोध में स्टोन क्रेशर संचालकों में भारी रोष व्याप्त हैं। स्टोन क्रेशर के संचालकों ने सहारनपुर स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के नेतृत्व में नेतृत्व में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से मिले और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

स्टोन क्रेशर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह राणा ने कहा कि प्रशासन द्वारा खनन से भरे वाहनों को रोककर अवैध रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खनन सामंग्री से भरे वाहनों का वजन कराने के नाम पर 8 से10 किलोमीटर दूर ले जाते हैं। जबकि डीजल के भाव 100 रूपये प्रति लीटर हो रहा है जिसके चलते खनन वाहन चालकों का उत्पीड़न हो रहा है जिस कारण वाहन चालक मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि चैकिंग के नाम पर प्रशासन द्वारा उत्पीड़न बंद नहीं किया तो वह दिन दूर नहीं जब खनन जोन बंद हो जायेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगभग 80 स्टोन क्रेशर संचालित है जिन पर लगभग 8000 कर्मचारी कार्यरत हैं। अगर खनन जोन बंद होता है तो बेरोजगारी बढ़ेंगी। स्टोन क्रेशर एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेणता ऐश्वर्या को सौंपा। इसके बाद स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के साथ वार्ता हुई। वार्ता के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेणता ऐश्वर्या ने कहा कि कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खनन सामग्री से भरे वाहनों को बेवजह परेशान न किया जाए।

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एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह राणा ने बताया कि वार्ता संतोषजनक रही।इस मौके पर मुख्य रूप से प्रदीप सिंह राणा, मनमीत सिंह, प्रवेश कुमार, अनिल कुमार, रविंद्र मलिक, अजय तालियान, संजीव भाटिया, विकास मित्तल, सुनील कांबोज आदि मौजूद रहे।

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