ऋषिकेश : जब मुख्यमंत्री शहर में आने थे तो अधिकारी तुरंत पहुँच गए एम्स के गार्ड धरना दे रहे धरना स्थल पर,खुद लिया ज्ञापन, जबकि 6 दिन से कोई नहीं पहुंचा था

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ऋषिकेश : अधिकारियों को अपनी नौकरी का इतना खतरा रहता है. अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है. सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ऋषिकेश का दौरा था. ऐसे में एम्स के पास धरना दे रहे सुरक्षाकर्मियों (गार्ड) के पास तहसीलदार डा अमृता शर्मा खुद पहुंची. उन्होंने खुद लिए ज्ञापन. खुद बोली सुरक्षा कर्मियों को आपका ज्ञापन में मुख्यमंत्री तक पहुंचा दूंगी. जबकि गौर करने वाली बात है पिछले 6 दिन से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा इनके पास. आज जब अधिकारियों को अंदेशा हुआ कहीं ये सीएम से मिलने की कोशिश न करने लगें, ऐसे में हालात को समझ कर अधिकारी पहले ही पहुँच गयी. हालंकि धरना दे रहे गार्ड अर्जुन सिंह का कहना है हम शांति पूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं. हमारा कोई उद्देश्य नहीं था मुख्यमंत्री से मिलने का या उनको ज्ञापन सौंपने का. तहसीलदार खुद पहुंची थी आज.

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21 फ़रवरी से अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे हैं सुरक्षाकर्मी. अपनी नौकरी बहाली की मांग कर रहे हैं. इनको आउट सोर्स कंपनी ने 28 फ़रवरी तक का नोटिस दिया है. उसके बाद आउटसोर्स कंपनी प्रिंसिपल सिक्योरिटी का टेंडर ख़त्म हो रहा है सुरक्षा कर्मियों का. आपको बता दें, अब एम्स में उपनल को टेंडर दे दिया गया है. इसलिए पूर्व सैनिक अब सुरक्षा कर्मियों का जिम्मा संभल रहे हैं. जबकि एम्स प्रशासन ने साफ़ मना कर दिया इन सुरक्षा कर्मियों को अब वे नहीं रखेंगे क्योँकि आउटसोर्स कंपनी का टेंडर ख़त्म हो गया है. दो महीने सेवा विस्तार दिया गया था. ताकि ये गार्ड अपनी नौकरी कहीं तलाश सकें. फिलहाल इन गार्ड्स का धरना जारी है.लेकिन बड़ा सवाल, नौकरी जाने से इनके रोजगार पर असर पड़ा है. परिवार की रोजी रोटी पर असर पड़ा है. ऐसे में सोचना चाहिए सरकार को या कंपनी को इनका रोजगार यहाँ नहीं तो आस पास इनको रोजगार मिल जाए. ताकि ये भी अपने बच्चों को पाल सकें.

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