ऋषिकेश : भागवत कथा जीवन के कल्याण का सन्मार्ग बताती है : रामसेवक भट्ट

ADVERTISEMENTS Ad
ख़बर शेयर करें -

ऋषिकेश : श्यामपुर में राधा रानी परिवार राधा भक्ति पथ के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह के प्रथम दिन आज सबसे पहले कलश यात्रा निकाली गई. वीरभद्र मंदिर के गंगा घाट पर गंगाजल लेकर कलश यात्रा वापस इंदिरा गार्डन कथा स्थल पर पहुंची. दैनिक पूजन क किया गया. कथा के प्रथम दिवस पर सबसे पहले नगर की महिला संकीर्तन मंडली एवं संत समाज का व्यास पीठ की ओर से आध्यात्मिक जागरण के लिए अभिनंदन किया गया.

शुक्रवार को संतों में राम स्थली के महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास, महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वरदास महाराज, महंत मनोज प्रपन्नाचार्य, तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य एवं लक्ष्मण मंदिर के महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य का तिलक उत्तरीय एवं प्रशस्ति पत्र के द्वारा व्यासपीठ से सम्मान किया गया. कथा का प्रसंग प्रारंभ करते हुए कथा का कथा व्यास आचार्य रामसेवक भट्ट महाराज ने कहा कि भागवत जीवन के उद्धार का मार्ग प्रशस्त करता है. आज जबकि मनुष्य अपनी परेशानियों से ग्रस्त है. उसे आपने सुख और आत्म शांति नहीं मिलती कल्याण का मार्ग नहीं सूझता. ऐसी परिस्थितियों में श्रीमद्भागवत महायज्ञ ही एक ऐसा रास्ता है. जो व्यक्ति को सुख और शांति तथा आध्यात्मिक के मार्ग पर ले चलता है. उन्होंने कहा कि भा शब्द का अर्थ ही भास्कर अर्थात प्रकाश होता है. अपनी कथा का प्रसंग सुनाते हुए व्यास जी ने कहा कि ये ज्ञान भक्ति और वैराग्य का वह सोपान है जो अनंत सुख और शांति से भरा हुआ है. हर जीव को अपने जीवन के उद्धार के लिए प्रयास करना चाहिए.

ALSO READ:  चम्पावत में नाबालिग से कथित दुष्कर्म प्रकरण में बड़े षड्यंत्र का खुलासा, व्यक्तिगत रंजिश हेतु नाबालिग के इस्तेमाल पर महिला आयोग सख्त

यहां भागवत यज्ञ में सबसे बड़ी विशेषता यह है कि स्थानीय महिला संकीर्तन मंडलियों के द्वारा प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है. जो रात्रि 8:00 से मां का गुणगान प्रस्तुत करेंगी. इसे आध्यात्मिक जागरण का एक माध्यम बनाया गया है. श्रीमद् भागवत कथा में कार्यक्रम संचालक आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल आचार्य, दीपक घनशाला राधा रानी यजमान परिवार से सत्यवीर कौशिक,कौशल्या कौशिक आदि रहे.

ALSO READ:  UK : पिथौरागढ़ में मुख्यमंत्री धामी  ने  सुरेन्द्र सिंह वल्दिया स्टेडियम में उच्चीकृत क्रिकेट मैदान जनपदवासियों को किया समर्पित

Related Articles

हिन्दी English