नई टिहरी में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने एसडीएम एवं तहसीलदारों के साथ बैठक की

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टिहरी :  जिलाधिकारी ने जनपद में गुलदार की बढ़ती चहलकदमी के दृष्टिगत सभी तहसीलदारों को नोडल अधिकारी नामित करते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, स्वयं सहायता महिला समूह, ग्राम प्रहरी, महिला/युवक मंगल दल, कृषि, उद्यान, वन विभाग आदि की टीम बनाकर गोष्ठी करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से फॉरेस्ट फायर के दौरान लोगों ने श्रमदान कर एकता का परिचय दिया, उसी प्रकार जंगली जानवरों से बचाव हेतु अपने स्तर से अपने आस-पास, गांव एवं पहंुच मार्गो में झाड़ी कटान का कार्य किया जाय। सभी एसडीएम को इस कार्य को प्राथमिकता पर लेने तथा जिन गांवों में सोलर लाइट की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये गये। इसके साथ ही क्षेत्रों में गुलदार के घुमने की सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग को सूचित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून सत्र 2024 में आपदाओं की दृष्टिगत 98 संवेदनशील ग्राम चिन्ह्ति कर नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं। हर गांव में वर्षाकाल में अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त अति महत्वपूर्ण सम्पर्क मार्ग, नहरें एवं कृषि भूमि सुरक्षा पुश्ते, स्कूल दीवार आदि के पुननिर्माण कार्यों की चैकलिस्ट बनाकर ग्राम पंचायत मंे प्रस्ताव करते हुए बीडीओ के माध्यम से संबंधित विभाग से समन्वय कर प्रथम चरण में प्राथमिकता के 05-05 कार्य करवाना सुनिश्चित करें। डीडीएमओ को इस मानसून सत्र में घटित घटनाओं की सूची बनाने तथा संबंधित विभागों के साथ बैठक कर कार्य करवाने को कहा गया। साथ ही आपदाओं के दृष्टिगत सभी आवश्यक सामाग्री संबंधितों को उपलब्ध कराने को कहा गया।

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मानसून सत्र 2024 में आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील ग्रामांे में घटित होने वाली आपदाओं के दौरान प्रतिवादन एवं आपदा पूर्व की तैयारियों हेतु सर्वे करने को लेकर 98 ग्राम चिन्ह्ति कर नोडल अधिकारी नामित किये गये, जिनके द्वारा इन गांवों का सर्वे कर निर्धारित प्रारूप में विवरण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें गांव का नाम, पहुंच मार्ग, आपदा से प्रभावित भवनों, परिवारों एवं व्यक्तियों की संख्या, भूमि क्षति, पटवारी चौकी, तहसील, ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय, पुलिस चौकी/थाना, बाजार/दुकान एवं सरकारी सस्ता गल्ला की दुकान की दूरी, निकटवर्ती स्वास्थ्य केन्द्र, पशु चिकित्सा केन्द्र, आश्रय स्थल का विवरण, जलापूर्ति व्यवस्था, सिंचाई साधन, मोबाइल कनेक्टीविटी, महिला/युवक मंगल दल एवं स्वयंसेवी संस्था का विवरण, एएनएम/आशा कार्यकत्री का विवरण आदि शामिल है।

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इस मौके पर एसडीओ वन विभाग टिहरी रष्मि ध्यानी ने स्थानीय जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि-ऽसंवेदनशील वन क्षेत्रों में किसी भी कार्य हेतु अकेले जाने से बचे अथवा यथासम्भव समूह में जाय। ऽबच्चों को समूह में तथा किसी व्यस्क की निगरानी में स्कूल आने जाने की व्यवस्था करें। ऽगौशाला, शौचालय एवं घरों के आस पास झाड़ियों की नियमित सफाई रखे। ऽघरो के आस पास प्रकाश की समुचित व्यवस्था करे। घरो के आस पास कचरा इकठा ना हो। कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था करे। ऽपालतु पशुओं को लावारिस ना छोडे तथा उनकी सुरक्षा का उचित प्रबन्ध करे। ऽआबादी के पास वन्यजीव की असामान्य गतिविधि होने पर निकटतम वन चौकी को सूचित करे।बैठक में एसडीएम देवप्रयाग सोनिया पन्त, नरेन्द्रनगर देवेन्द्र नेगी, घनसाली अपूर्वा सिंह, टिहरी संदीप कुमार, धनोल्टी मंजू राजपूत सहित समस्त तहसीलदार उपस्थित रहे।

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