गजब हाल है….अब “रूस की बिल्लियों” पर भी लगा दी 31 मई तक पाबंदियां

Теперь и на "русских котов" до 31 мая введены ограничения

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मॉस्को/दिल्ली : यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जारी है. ऐसे में इंसान तो इंसान अब जानवरों पर भी असर होने लगा है. बाकायदा रूस की बिल्लियों पर पाबन्दी लगा दी गयी है. जी हाँ ये बात सच है. सबसे फेमस बिल्लियां होती है रूस की नस्ल की. अब इस सूची में बिल्लियों से जुड़ी फेडरेशन इंटरनेशनल फेलीन (FIFe) का नाम भी शामिल हो गया है. FIFe के बयान के मुताबिक, ‘कई निर्दोष लोग मारे गए, कई घायल हैं और लाखों यूक्रेनवासियों को जान बचाने के लिए घर से भागने पर मजबूर होना पड़ा. हम इस अभूतपूर्व हमले से हुई तबाही और अराजकता को देख सकते हैं.’ सोसाइटी ने रूसी नस्ल की बिल्लियों के निर्यात और रजिस्ट्रेशन पर पाबंदियां लगाने का फैसला किया है. फिलहाल, इन पाबंदियों को 31 मई तक के लिए लागू किया गया है और जरूरत पड़ने पर इनकी समीक्षा की जाएगी. NGO, FIFe कार्यकारी बोर्ड की तरफ से जारी बयान के अनुसार, यह ‘हैरान करने और डराने वाला’ है कि रूस की सेना ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया है और युद्ध की शुरुआत कर दी है.

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पेट लवर्स के लिए खास तौर पर यह खबर बड़ी है. इंसान के साथ साथ जानवरों पर भी लोग सोच रहे हैं.यह अपने आप में अलग बात है.  FIFe ने कहा कि बोर्ड को लगता है कि वे इन अत्याचारों को होते हुए नहीं देख सकते, तो यह तय किया गया है कि 1 मार्च से ‘रूस में कोई भी बिल्लियों की नस्ल को रूस के बार निर्यात और किसी भी FIFe पेडिग्री किताब में पंजीकृत नहीं किया जा सकता. फिर इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि किस संगठन ने उसकी पेडिग्री जारी की है.’ बयान के अनुसार, ‘रूस में रहने वाले प्रदर्शन करने वालों से संबंधित बिल्ली रूस के बार किसी भी FIFe शो में हिस्सा नहीं ले सकती. भले ही प्रदर्शन करने वाले किसी भी संगठन की सदस्यता रखते हों.’ खास बात है कि FIFe बोर्ड ने यूक्रेन में रहकर युद्ध के चलते विकट स्थिति का सामना कर रहे बिल्ली पालने वालों के समर्थन के लिए अपने बजट का एक हिस्सा मुहैया कराने का फैसला लिया है.

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