ऋषिकेश: महापौर काउंसिल ऑफ इंडिया के सम्मेलन में उठी 74 वें संविधान को संसोधित करने की मांग : अनिता ममगाईं

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  • महापौर कांउसलिंग ऑफ इंडिया के सम्मेलन में शिरकत कर लौटी महापौर ने अपने अनुभव किए सांझा
  • सम्मेलन में उठी 74 वें संविधान को संसोधित करने की मांग -महापौर
  • निकायों के अधिकारियों के भी अलग कैडर को लेकर सम्मेलन में हुआ मंथन-अनिता ममगाई

ऋषिकेश: मध्यप्रदेश प्रदेश के बुरहानपुर में आयोजित मेयर कांउसलिंग ऑफ इंडिया के सम्मेलन में शिरकत कर लौटी महापौर ने बताया कि सम्मेलन बेहद सफल रहा जिसमें खासतौर पर 74 वें संविधान को संसोधित करने की मांग प्रखर रूप से उठाई गई।

बुधवार को मध्यप्रदेश में आयोजित सम्मेलन से लौटी महापौर ने जानकारी दी कि नगर निगमों के अधिन बिजली, पानी,सीवर,पी डब्ल्यू डी,एम डी डी ए सहित अन्य विभाग देने के लिए  74 वें संविधान को संसोधित करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई गई। उन्होंने बताया मध्यप्रदेश, गुजरात एवं महाराष्ट्र में 74 वां सविंंधान लागू है. जिसकी वजह से वहाँ तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं. जबकि अन्य राज्यों में निगमों को विभागीय पेंचों से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने बताया जनता को निगम से उनके तमाम कार्यों को लेकर उम्मीद रहती है। लेकिन विभागीय पेंचों में फंसकर एन.ओ.सी. ना मिलने की वजह से कई मर्तबा महत्वपूर्ण कार्य फाईलों में ही झूलते रहते हैं।महापौर के मुताबिक राष्ट्रयीय सम्मेलन में निकायों के अधिकारियों का अलग कैडर बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठी। महापौर ने बताया कि अधिकारी नगरीय निकायों में रहकर प्रशिक्षण लेते हैं, काम करते हैं और दूसरे विभागों में चले जाते हैं। आइएएस, आइएफएस की तरह नगरीय निकायों के अधिकारियों का भी अलग कैडर होना चाहिए।

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इस कैडर के अधिकारियों का एक नगरीय निकाय से दूसरे निकाय में स्थानांतरण होना चाहिए, ताकि अपने अनुभवों से वे नगरीय निकायों की व्यवस्था को बेहतर से बेहतर कर सकें। इसके लिए अखिल भारतीय महापौर परिषद के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी आग्रह किया गया है।

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