यूपी : किशोर न्याय बोर्ड सुल्तानपुर में प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट मनाली चंद्रा ने संभाली कुर्सी..

जेसीएल का मतलब एक बच्चा है जिस पर अपराध करने का आरोप है : मनाली चंद्रा

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खबर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से है जहाँ शहर के कलेक्ट्रेट स्थित किशोर न्याय बोर्ड में प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट  मनाली चंद्रा ने आज कार्यभार ग्रहण किया है । वो 2018 बैच की जूनियर जज रही हैं। उन्होंने बताया कि उनका मूल निवास पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ है ।उनकी शैक्षिक योग्यता एलएलएम रही है ।इससे पहले उनका प्रथम चार्ज बदायूं जनपद में बतौर सिविल जज जूनियर डिवीजन रहा।एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) कानून के साथ संघर्ष में बच्चों (जेसीएल) से निपटने के लिए संबंधित प्राधिकरण है। जेसीएल का मतलब एक बच्चा है जिस पर अपराध करने का आरोप है।चंद्रा ने आगे बताया कि 2009वमें अयोध्या से सुल्तानपुर में किशोर न्याय बोर्ड का कार्यभार देखा जाने लगा।उन्होंने बताया कि सी आर सी के अनुरूप, किशोर को 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति के रूप में पुनः परिभाषित किया गया है। पहले के कानून में किशोर को 16 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति के रूप में परिभाषित किया गया था। व्यक्तिगत देखभाल और पुनर्एकीकरण के माध्यम से अपराधी और पीड़ित के पुनर्वास का प्रावधान करता है।

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