यहां रामलीला मैदान में रावण, मेघनाथ और कुम्भकरण के भारी बारिश के चलते खाल निकल गई…केवल ढांचा बचा रहा

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कहते हैं कुदरत के आगे किसी की नहीं चलती। विजयदशमी के पर्व पर कानपुर में रामलीला मैदान में रावण,मेघनाथ और कुम्भकरण के भारी बारिश के चलते सभी की खाल निकल गई केवल ढांचा बचा रहै।

ख़बर उत्तर प्रदेश के कानपुर से है।आज विजय दशमी का दिन भी हैं। अधर्म पर धर्म की विजय का भी दिन हैं।लेकिन कानपुर के रावण का आज बुरा हॉल रहा साथ में उनके भाई कुम्भमरण थे।सीना ताने हुए बेटा मेघनाथ भी था।

समय का अंदाजा लग नही पाया कलयुग चल रहा हैं। रावण की चिता लगने ही वाली थी।अचानक बारिश शुरू हो गई।बारिश भी इतनी थी कि राम लीला का तो पता नही। लेकिन रावण के शरीर से खाल तक निकल गई।केवल ढांचा ही बच गया था। हड्डी पसली और नशे सब दिखने लगे। ऐसे में रामलीला दशहरा आयोजकों को काफी नुकसान हुआ है लेकिन फिर भी असत्य पर सत्य की जीत हुई और अंत में रावण और उसके साथ दो अन्य पुत्रों को भी जलाया गया।

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