हरियाणा : अब राज्य में निजी नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण का पालन जरूरी, कानून हुआ लागू

अब से निजी क्षेत्र की कंपनियों, संस्थानों, ट्रस्टों, सोसाइटियों ,और राज्य में स्थापित उद्योगों में राज्य के युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी

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चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने प्रमुख चुनावी वादों में से एक को पूरा कर लिया गया है। हरियाणा के लोगों के लिए निजी क्षेत्र में नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने संबंधी कानून लागू हो गया है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सहयोगी दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) सरकार है. वहीँ यह कानून 10 साल के लिए लागू होगा।

राज्य सरकार ने निजी कंपनियों में काम पर रखने में कुछ रियायतें प्रदान की हैं। राज्य में एक वास्तविक निवासी प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए अब निवास की शर्त को 15 से घटाकर पांच वर्ष कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने रविवार को इस कानून के कार्यान्वयन पर प्रसन्नता व्यक्त की. कहा आज युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि अब से निजी क्षेत्र की कंपनियों, संस्थानों, ट्रस्टों, सोसाइटियों ,और राज्य में स्थापित उद्योगों में राज्य के युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य में निजी क्षेत्र में रोजगार क्षेत्र में 75 फीसदी आरक्षण का नियम 15 जनवरी से लागू हो गया है।उनके हवाले से एक आधिकारिक बयान में कहा गया, इस प्रणाली के लागू होने से निजी क्षेत्र में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।इस संबंध में श्रम विभाग द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर के साथ एक समर्पित पोर्टल भी बनाया गया है। कंपनियों को अब अपनी रिक्तियों को पोर्टल पर दिखाना होगा, जिस पर सरकार लगातार नजर रखेगी।पिछले साल नवंबर में, भाजपा-जजपा सरकार ने निजी क्षेत्र में नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने के लिए कानून को अधिसूचित किया था। इसमें 30,000 रुपये तक के मासिक वेतन वाली नौकरियों में निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान है।

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इससे हरियाणा में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को नौकरी मिल सकेगी.गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल,बहादुरगढ़ इत्यादि ऐसे शहर हैं जहाँ पर कंपनियां, उद्योग काफी हैं. ऐसे में बाहरी लोगों के लिए एक तरह से यह झटका भी है. Pic Credit: Internet 

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