UK:रायवाला में श्रीराम जन्म की लीला का भव्य मंचन, ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंजा रामलीला प्रांगण

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- रावण तप, कैलाश लीला, रावण-वेदवती संवाद और राक्षस उपद्रव के प्रसंगों का भी हुआ मंचन; ऋषिकेश की प्रथम महापौर अनिता ममगाईं को किया सम्मानित
प्रतीत नगर, रायवाला। 23 अक्टूबर 2026। प्राथमिक विद्यालय, श्री रामलीला चौक, वार्ड नंबर 06, प्रतीत नगर, रायवाला में लोक कल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित पंचम श्री रामलीला महोत्सव के तीसरे दिन पांच प्रमुख प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। श्रीराम जन्म की लीला के मंचन के दौरान पूरा रामलीला प्रांगण ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा। कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया, जिसका दर्शकों ने भावविभोर होकर आनंद लिया।
रामलीला महोत्सव के मुख्य मंच उद्घोषक एवं लोक कल्याण समिति के प्रवक्ता विरेन्द्र नौटियाल (वीरू) ने बताया कि रामलीला मंचन का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। गुरुवार रात आयोजित लीला में रावण तप, कैलाश लीला, रावण-वेदवती संवाद, राक्षस उपद्रव और भगवान श्रीराम के जन्म का भव्य मंचन किया गया। शुक्रवार को चतुर्थ दिन मुख्य 03 मुख्य दृश्य प्रदर्शित किए गए जिसमें-
पहला दृश्य – सीता जन्म
दूसरा दृश्य – ताड़का वध
तीसरा दृश्य – आहिल्या उद्धार
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श्रीराम जन्मोत्सव के मंचन से भक्तिमय हुआ वातावरण-
राजा दशरथ के महल में भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों—श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म की खुशी का दृश्य प्रस्तुत किया गया। चारों राजकुमारों के जन्म की किलकारियों से राजा दशरथ का दरबार खुशियों से भर उठा। मंच पर उत्सव का माहौल देखकर रामलीला देखने पहुंचे दर्शक भी भावविभोर हो गए।इस दौरान ‘भय प्रगट कृपाला, दीनदयाला’ भजन की मधुर धुन गूंजते ही श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के मंचन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रामलीला महोत्सव के माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक एकता का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।
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कलाकारों के अभिनय ने जीता दर्शकों का दिल-
रामलीला के विभिन्न प्रसंगों में कलाकारों ने अपने उत्कृष्ट अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। ब्रह्मा की भूमिका राजेंद्र प्रसाद रतूड़ी, नारद की पार्थ, सरस्वती की रज्जो, शिव की सौरभ चमोली, पार्वती की राहुल, नंदी की आदित्य चावला, वेदवती की सृष्टि पंवार, रावण की आदित्य चौहान, कुम्भकर्ण की पिंकेश पैन्यूली, विभीषण की सन्नी, तथा ऋषियों की भूमिका सौरभ, हरिओम, महेश और अर्जुन, राक्षसों की भूमिका अजय और प्रियांशु ने निभाई। गुरु वशिष्ठ भगत सिंह, राजा दशरथ के रूप में प्रदीप अरोड़ा, सुमंत के रूप में सूरज चमोली, कौशल्या के रूप में समर, कैकेयी के रूप में राहुल और सुमित्रा के रूप में यश ने अभिनय किया। सभी कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। मंचन के दौरान दर्शकों ने उत्साहपूर्वक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
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अनीता ममगाईं को राम दरबार की माला एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर किया सम्मानित-रामलीला का भव्य मंचन देखने पहुंचीं ऋषिकेश नगर निगम की प्रथम महापौर अनीता ममगाईं को लोक कल्याण समिति की ओर से राम दरबार की माला एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और सैकड़ों रामभक्तों ने पूरे उत्साह के साथ लीला का आनंद लिया और आयोजन की सराहना की।
इस अवसर पर लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष गंगाधर गौड़, उपाध्यक्ष बालेन्द्र सिंह नेगी, सचिव नरेश थपलियाल, कोषाध्यक्ष मुकेश तिवाड़ी, प्रवक्ता विरेन्द्र नौटियाल (वीरू) और महिला कल्याण सचिव अंजु बड़ोला, मुख्य निर्देशक महेन्द्र सिंह राणा समिति के सदस्यों में राजेन्द्र प्रसाद रतूड़ी, नवीन चमोली, आशीष सेमवाल, राजेंद्र प्रसाद तिवाड़ी, राजेंद्र देव कुकरेती, अनीता जुगलान, अरुण डबराल, गंगा बहादुर, नितीश सेमवाल, रोहित धमाका, जतिन, गौरव, प्रिंस, अंश, यश, महेश, विष्णु, कृष्णा, अर्जुन, राज, समर, पार्थ, आयुष, तनु, सूर्यांश और प्रियांशु, विनीता सेमवाल, त्रिलोक सिंह, उत्तम सिंह, सहित आदि मौजूद रहे।





